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विश्व चैंपियनशिप- सेर्जीकल स्ट्राइक :: कार्लसन हारे

by निकलेश जैन - 22/11/2016

वो हो गया जिसकी किसी नें उम्मीद नहीं की थी रूस के सेरजी कर्जाकिन नें आठवें राउंड में मौजूदा विश्व शतरंज चैम्पियन मेगनस कार्लसन को क्वीन एंड गेम में पराजित करते हुए शतरंज की दुनिया के असली किंग बनने की और कदम बढ़ा दिये है । यह ना सिर्फ विशेषज्ञों को चौंकने वाला है बल्कि ये भी दिखाता है की विश्व शतरंज चैंपियनशिप जैसे टूर्नामेंट में कौन ज्यादा बेहतर खिलाड़ी है या रहा है से ज्यादा महत्वपूर्ण यह है की कौन ज्यादा बेहतर खेल रहा है । न्यू यॉर्क के इतिहास को देखे तो 21 साल पहले आनंद नें 8 ड्रॉ के बाद कास्पारोव को हरा के तहलका मचा दिया था फिर कास्पारोव नें वापसी की थी क्या यहाँ कार्लसन वापसी कर पाएंगे क्यूंकी अब सिर्फ 4 गेम बाकी है !देखना दिलचस्प होगा 

Pictures by Albert Silver

वो हो गया जिसकी किसी नें उम्मीद नहीं की थी कर्जाकिन नें आठवें राउंड में कार्लसन को झटका दे दिया । ऐसा लगा जैसे कार्लसन जीतने के लिए बेकरार थे । उन्होने अपने खेल में बहुत ज्यादा ही खतरे मोल लिए और परिणाम स्वरूप बेहद ही जिम्मेदार प्रदर्शन करते हुए रूस के विश्व के सबसे युवा ग्रांड मास्टर का खिताब आपने पास रखने वाले सेरजी कर्जाकिन नें एक बढ़िया जीत दर्ज की । कार्लसन दबाव में है और शायद उनके खेल जीवन में पहली बार है देखना दिलचस्प होगा वो कैसे वापसी करते है 

जब आप किसी को कम करके आँकते है दरअसल यह सिर्फ आपकी सोच होती है ! कमाल कर दिया कर्जाकिन !!

देखना होगा की इस प्रतियोगिता में वह कार्लसन से ज्यादा शांत और स्थिर नजर आए है उन्होने अपनी खराब स्थिति में भी धैर्य नहीं खोया है और अच्छी स्थिति में भी संतुलन नहीं खोया । उनका लक्ष्य शुरू से साफ था की कार्लसन चुकी विश्व चैम्पियन है खिताब उन्हे बचाना है तो दबाव भी उनही पर डाला जाए ! फिलहाल तो इस साहसी रूसी युवक नें अपने कदम विश्व शतरंज के ताज के लिए मजबूती से बढ़ा दिये है । जी हाँ कर्जाकिन 4.5-3.5 से आगे है !! चार ड्रॉ या एक और जीत भी उन्हे विश्व चैम्पियन बना सकती है !! कमाल कर दिया कर्जाकिन !!

अगर कोई कहे की आपसे बेहतर खिलाड़ी आज  के समय में नहीं है तो यह सौ फीसदी सच बात है । पर विश्व चैंपियनशिप जीतने के लिए या अपना खिताब बनाए रखने के लिए कार्लसन को अपने ही पूर्वजो से प्रेरणा लेने की जरूरत है । कास्पारोव आनंद के खिलाफ और आनंद गेलफंड के खिलाफ पिछड़ने के बाद वापसी कर चुके है तो कार्लसन क्या कर सकते है यह किसी से छुपा नहीं है । लेकिन इसके लिए उन्हे बिना दबाव के खेलना होगा । इस प्रतियोगिता में 3 और 4 मैच में जब वो जीत सकते थे और नहीं जीत पाये तब से वह दबाव में लग रहे है और इतनी गलतियाँ कर रहे है जितनी शायद उन्होने पिछले एक साल में नहीं की । बड़े खिलाड़ी दवाव में निखरते है उम्मीद है आप जल्द ही वापसी करेंगे !! ऐसा करना तो होगा कार्लसन ..

खेल की शुरुआत इस हल्के फुल्के मज़ाक के अंदाज में हुई !जल्द्द ही मैच क्वीन्स इंडियन क्लासिकल वेरिएसन में पहुँच गया  

कार्लसन समझ गए थे की उन्होने बेजा गलतियाँ की है और कर्जाकिन की क्वीन के तरफ के प्यादे उनसे यह मैच छीन लेंगे

 

खेल के कुछ खास लम्हे 

इससे पहले कब विश्व चैंपियनशिप में ये लाइन खेली गयी थी  ! खैर कार्लसन की तो आदत है 

अपने b8 के घोड़े को ना  निकालकर कर्जाकिन  ने एक शानदार निर्णय लिया और वो था  उसे सही समय पर निकालने का 

लगभग बराबर चल रहे खेल में कर्जाकिन नें अपने घोड़े को  g6 से  f8 होते हुए खिलाया 

कभी कभी आप जीतने के लिए कुछ गलत निर्णय लेते है और इससे कोई फर्क नहीं पड़ता की आप विश्व चैम्पियन है , कार्लसन चाहते तो इस हाथी को अपने ऊंट से मार सकते थे पर प्यादे से मारना उन्हे अंततः महंगा पड़ा । 

कार्लसन  d7 को मारकर अपने हाथी के बदले दो घोड़े ले सकते थे पर उन्होने ऐसा नहीं करने का निर्णय लिया और h3 खेला जिससे  कर्जाकिन को ...Nc5! चलकर बढ़त लेने का मौका मिल गया 

35.c5 शायद कार्लसन की एक और बड़ी गलती रही 

कार्लसन का तनाव उनके चेहरे पर साफ तौर पर देखा जा सकता था 

और जल्द ही कर्जाकिन दो प्यादे ज्यादा थे 

...तभी सेरजी नें एक गलती की 38...Qd3? क्या आपको पता है ?

जी हाँ  39.Nxe6+!

प्यादे तो वापस मिल गए पर अभी भी सफ़ेद को मुश्किले कम नहीं थी 

और कर्जाकिन अपनी a फ़ाइल के प्यादे की अहमियत समझ चुके थे  53.Qxa2 loses to 53...Ng4+ 54.Kh3 Qg1! 0-1.

और कर्जाकिन अपने शानदार संतुलित खेल के साथ अब  4.5-3.5 से आगे है 
इंटरनेशनल मास्टर सागर शाह का विश्लेषण 
[Event "AGON FWCM 2016"]
[Site "New York"]
[Date "2016.11.21"]
[Round "8"]
[White "Carlsen, Magnus"]
[Black "Karjakin, Sergey"]
[Result "0-1"]
[ECO "E14"]
[WhiteElo "2853"]
[BlackElo "2772"]
[Annotator "Sagar Shah"]
[PlyCount "104"]
[EventDate "2016.??.??"]
[EventType "match"]
[EventCountry "USA"]
[SourceTitle "playchess.com"]
[Source "ChessBase"]
[TimeControl "40/6000+30:20/3000+30:900+30"]
1. d4 {[%emt 0:00:00] After 1.d4 in round 1, Magnus played two games with 1.e4.
In the third game he had the upper hand and was very nearly winning, but in
the next encounter, his Italian game was calmly neutralized by Karjakin. This
time he has a new weapon up his sleeve.} Nf6 {[%emt 0:00:06]} 2. Nf3 {[%emt 0:
00:00]} d5 {[%emt 0:00:31]} 3. e3 $5 {[%emt 0:00:00]} (3. Bf4 {could be
expected from Carlsen because he has played it quite a bit in the past. But
Colle?! Well, that's truly a novelty at the World Championship level.}) 3... e6
{[%emt 0:03:01] Quite an umambitious move. Usually when you have the
opportunity to develop the bishop outside the pawn chain you must do it. Here,
for example the move Bg4 or Bf5 would have been natural, but Sergey prefers to
remain solid.} 4. Bd3 {[%emt 0:00:19]} c5 {[%emt 0:01:55] The nice thing about
Colle is that it would lead to a position that Karjakin has not studied in
great depth. But the sad part is that if Black keeps making natural moves,
there is just no way to get the advantage. And this is exactly what Sergey
does: Control the centre and develop the pieces.} 5. b3 {[%emt 0:00:24]} Be7 {
[%emt 0:03:39] 3 minutes 39 seconds is quite a lot of time to think on the
fifth move.} 6. O-O {[%emt 0:01:14]} O-O {[%emt 0:00:06]} 7. Bb2 {[%emt 0:01:
41]} b6 {[%emt 0:02:35] By delaying the development of the b8 knight on what
looked like the most natural square - c6, Karjakin keeps an option to develop
it to d7.} 8. dxc5 {[%emt 0:11:58] Played after twelve minutes of thought. We
are now in terra incoginta.} Bxc5 {[%emt 0:00:19]} (8... bxc5 9. c4 Bb7 10. Nc3
{And a later cxd5, playing against the hanging pawns is what Carlsen wuld have
been trying for.}) 9. Nbd2 {[%emt 0:02:21]} Bb7 {[%emt 0:01:07]} 10. Qe2 {
[%emt 0:05:59]} Nbd7 {[%emt 0:01:02] In this position the knight belongs to
the d7 square. It defends the f6 knight, freeing the queen to go anywhere it
would like to. It also keeps the diagonal of the b7 bishop open.} 11. c4 {
[%emt 0:03:17]} (11. e4 dxe4 12. Nxe4 Nxe4 13. Bxe4 Bxe4 14. Qxe4 Nf6 15. Qe2
Qd5 $11 {With the idea of Qe4 should give Black a fine position.}) 11... dxc4 {
[%emt 0:03:38]} 12. Nxc4 {[%emt 0:00:24] The position is overall symmetrical
in nature. But White has the more active pieces and the chances of fighting
for an opening edge.} Qe7 {[%emt 0:00:08]} 13. a3 {[%emt 0:12:16]} a5 {[%emt 0:
00:30] This move weakens the b5 square, but it has to be made. The bishop on
c5 doesn't have too many squares to go to.} 14. Nd4 {[%emt 0:03:14]} Rfd8 {
[%emt 0:03:40] The most impressive thing about Karjakin's play is always the
simplicity. He makes the most natural and centralizing moves.} (14... e5 15.
Nb5 (15. Nf5 Qe6 {is fine for Black.}) 15... e4 16. Bc2 Nd5 {and with N7f6
coming up, Black has a fine position.}) 15. Rfd1 {[%emt 0:00:17]} Rac8 {
[%emt 0:07:33]} 16. Rac1 {[%emt 0:01:02]} Nf8 $1 {[%emt 0:02:55] A great idea
by Sergey. The knight would be well placed on g6.} 17. Qe1 {[%emt 0:07:14]
Carlsen is looking to somehow make b3-b4 possible in the future.} Ng6 {[%emt 0:
04:50]} 18. Bf1 {[%emt 0:00:39]} Ng4 {[%emt 0:08:03]} 19. Nb5 {[%emt 0:15:13]}
(19. h3 N4e5 20. Nxe5 Nxe5 $11 {The a3 pawn is hanging and Black is really
comfortable.}) 19... Bc6 {[%emt 0:07:45]} (19... Qg5 $1 {would have unleased
some mindboggling tactics.} 20. Nbd6 (20. h3 N4e5 21. Nxe5 Nxe5 22. Bxe5 Qxe5
$15) 20... Bxd6 21. Nxd6 (21. Rxd6 Rxd6 22. Nxd6 Rxc1 23. Bxc1 (23. Qxc1 Qh4
$19) 23... Qe5 $1 $19 {Mate on h2 and d6 piece is lost.}) 21... N4e5 $1 {
Nf3+ is not an easy threat to meet.} 22. f4 Nf3+ 23. Kh1 Qh5 24. Qg3 Rxc1 25.
Rxc1 (25. Bxc1 Nxh2 $19) 25... Rxd6 26. gxf3 Rd2 $17) 20. a4 {[%emt 0:02:29]}
Bd5 {[%emt 0:22:24]} 21. Bd4 {[%emt 0:09:26]} Bxc4 {[%emt 0:01:32]} (21... Bxd4
$1 22. Rxd4 N4e5 $1 23. Nxe5 (23. Nxb6 $2 Qg5 $1 {Not at all an easy move to
foresee.} 24. Kh1 Nf3 $19) 23... Nxe5 $11) 22. Rxc4 {[%emt 0:04:08]} Bxd4 {
[%emt 0:08:41]} 23. Rdxd4 {[%emt 0:05:14]} (23. Rcxd4 $14 {was also pretty
strong.} Rxd4 24. Rxd4 Nf6 25. g3 {And White can push a bit in this position.})
23... Rxc4 {[%emt 0:01:24]} 24. bxc4 $6 {[%emt 0:04:10] Overall this decision
by Magnus isn't so great. He creates a weakness on c4 and in return has no
concrete threats. So, then why did he take with the pawn instead of the bishop.
Well, Magnus has been using the psychology of not making the best possible
moves on many instances in this match in order to avoid drawish positions. But
then he lands into even worse positions. Like he did in game six and now game
eight.} (24. Bxc4 Rxd4 25. Nxd4 $11) 24... Nf6 {[%emt 0:06:47]} 25. Qd2 {
[%emt 0:05:46]} Rb8 {[%emt 0:00:45]} (25... Rc8 26. Nd6 {The rook anyway has
to go to b8.} Rb8) 26. g3 {[%emt 0:02:07]} Ne5 {[%emt 0:02:45]} 27. Bg2 {
[%emt 0:00:03]} h6 {[%emt 0:07:52] Making a luft on the backrank, is never a
priority when there are no threats, but making it surely reduces the stress in
your calculations! Many of your pieces free up.} 28. f4 {[%emt 0:04:18]} Ned7 {
[%emt 0:02:10] The knight has a nice home on c5.} 29. Na7 {[%emt 0:00:50]} Qa3
$1 {[%emt 0:00:10] The knight on d7 could be taken but that just results in
equality. As always Magnus tries for more.} 30. Nc6 {[%emt 0:01:32]} (30. Rxd7
Nxd7 31. Qxd7 Qxe3+ 32. Kf1 Qc1+ 33. Kf2 Qxc4 $11) 30... Rf8 {[%emt 0:00:31]}
31. h3 $6 {[%emt 0:02:09] It was time to just take on d7 and accept the draw.}
Nc5 $15 {[%emt 0:01:12]} 32. Kh2 {[%emt 0:00:10]} Nxa4 {[%emt 0:03:20]} 33. Rd8
{[%emt 0:03:57]} g6 {[%emt 0:00:17]} (33... Rxd8 34. Qxd8+ Kh7 {was als
possible and after} 35. Ne5 Qxe3 36. Nxf7 Kg6 37. Ne5+ Kh7 38. Nf7 $11 {
The game would end in a draw.}) 34. Qd4 {[%emt 0:00:57]} Kg7 $1 {[%emt 0:01:12]
} (34... Qc3 35. Rxf8+ Kxf8 36. Qd8+ Kg7 37. Ne5 {Now Black has to be really
careful as f7 is very soft.} Qb4 38. Qc7 $1 Qf8 39. Bc6 Nc5 40. Qxb6 $14) 35.
c5 $2 {[%emt 0:00:58] Aesthetically this is a pleasing move. Queen cannot take
on c5 as a4 is hanging. Knight cannot take on c5 because after Rxf8 the knight
on f6 is hanging. However, it is a clear blunder and Karjakin shows why.} Rxd8
{[%emt 0:02:13]} 36. Nxd8 {[%emt 0:00:01]} (36. Qxd8 Qxc5 $19) 36... Nxc5 {
[%emt 0:00:28] So what exactly was Magnus thinking? Did he just miss that
Black could first take the rook on d8 and then the pawn? He is now two pawns
down for almost no compensation.} 37. Qd6 {[%emt 0:00:13] Qe7 is a big threat
now.} Qd3 $2 {[%emt 0:00:20] A very bad move by Sergey. But near the time
control, you always tend to make mistakes.} (37... Qa4 $1 {The queen is
planning to come back to d7.} 38. Qxb6 Ncd7 $19) 38. Nxe6+ $1 {[%emt 0:00:19]
Carlsen had this trick already prepared.} fxe6 {[%emt 0:00:59]} 39. Qe7+ {
[%emt 0:00:02]} Kg8 {[%emt 0:00:06]} 40. Qxf6 {[%emt 0:00:00]} a4 {[%emt 0:01:
23] Forty moves have been made and the position is intense. Black's king is
weak, but White has no real time to play against that because the a-pawn is
running. The logical finish to the game should be a perpetual check somewhere,
but when Magnus Carlsen wants to win, he takes risks and shuns such drawish
lines.} 41. e4 {[%emt 0:01:51] The pawn on g6 cannot be saved.} Qd7 {[%emt 0:
08:33]} 42. Qxg6+ {[%emt 0:01:58]} Qg7 {[%emt 0:00:05]} 43. Qe8+ {[%emt 0:00:
08]} Qf8 {[%emt 0:00:04]} (43... Kh7 {was also possible.}) 44. Qc6 {[%emt 0:10:
34]} Qd8 {[%emt 0:04:48] The queen on d8 defends the b6 pawn. The knight on c5
defends the pawn on a4 and e6. So overall everything is well defended.} 45. f5
{[%emt 0:01:23]} a3 {[%emt 0:00:12]} (45... exf5 $2 46. exf5 $18 {Now the
queen+bishop+pawn will checkmate the black king.}) 46. fxe6 {[%emt 0:01:03]}
Kg7 {[%emt 0:00:13] Karjakin maintains his cool. The pawn on e6 is two squares
away from queening and so is the pawn on a3. The computer keeps giving 0.00 as
the evaluation, but on the board the pressure is soaring to unimaginable
levels.} (46... a2 $2 47. e7 $1 Qxe7 48. Qa8+ $1 (48. Qd5+ $2 Qf7 49. Qa8+ Kg7
$19) 48... Kg7 49. Qxa2 $16) 47. e7 {[%emt 0:07:19]} Qxe7 {[%emt 0:00:10]} 48.
Qxb6 {[%emt 0:00:07]} Nd3 {[%emt 0:00:17]} 49. Qa5 {[%emt 0:02:59]} (49. Qd4+
Ne5 $15) (49. e5 {giving back the pawn could have been a good idea to free the
g2 bishop.} Nxe5 50. Qd4 $11) 49... Qc5 {[%emt 0:03:18]} 50. Qa6 {[%emt 0:08:
51]} Ne5 {[%emt 0:00:23]} 51. Qe6 $2 {[%emt 0:04:17] A crucial error.} (51.
Qb7+ Kg6 52. Qa6+ Kf7 53. Qxh6 a2 54. Qh7+ Ke6 55. Qg8+ Nf7 56. Qg6+ Ke7 57.
Qa6 $11 {This should end in a draw now.}) 51... h5 {[%emt 0:05:20] One of the
big threat in this position is h4 gxh4 and Qc7! The queen+ knight and the
a-pawn team up excellently to create som real headaches for White.} 52. h4 $2 {
[%emt 0:02:08] The final mistake of the game.} (52. Qa6 {was the only defence.}
h4 53. gxh4 Qc7 54. Kh1 Qc1+ 55. Bf1 (55. Kh2 Qb2 56. Qa7+ Nf7 $19) 55... a2
56. Qxa2 Qxf1+ 57. Kh2 {Most probably this would end in a draw.}) 52... a2 $1 {
[%emt 0:01:59] Karjakin pushed the pawn and Magnus had no option but to extend
his hand in resignation. The Challenger now leads 4.5-3.5.} (52... a2 53. Qxa2
Ng4+ 54. Kh3 Qg1 55. Bf3 Nf2+ 56. Qxf2 Qxf2 $19) 0-1

 

क्या कार्लसन के हाथ से विश्व चैम्पियन का ताज छिन सकता है ?

कार्लसन पहले कर्जाकिन का 2 मिनट तक इंतजार करते रहे जिन्हे  पत्रकारो नें  घेर लिया था पर फिर वो उठ कर चले गए 

नार्वे मीडिया के इस हाल नें मुझे 2013 में आनंद की हार के बाद हमारी हालत की याद दिला दी । कठिन लम्हा !

देखना होगा एक दिन के विश्राम के बाद कैसे यह विश्व चैंपियनशिप आगे बढ़ती है 

 

विश्व नंबर 2 फबियानों कारुआना भी कमेंट्री करते नजर आए 

विश्व के एक अन्य चोटी के खिलाड़ी तेमूर राजबोव ने लिखा की कार्लसन नें बड़ा खतरा मोल ले लिया है ! कर्जाकिन तो ष्यद जीत के बारे में सोच ही नहीं रहे थे । 

 

 


 

आपका दोस्त 

निकलेश जैन

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