आनंद सर की पाठशाला : दूसरा दिन :ओपनिंग की डगर
कहते है किसी भी कार्य की शुरुआत अगर अच्छी हो तो आप आधी सफलता तो पा ही लेते है , ठीक इसी तरह शतरंज में भी अगर आप अच्छी ओपेनिंग करने में कामयाब रहते है तो आप एक अच्छे खिलाड़ी बनने की तरफ आगे बढ़ जाते है खैर जब पाँच बार के विश्व चैम्पियन आपको ओपेंनिंग की तैयारी कैसे करना है यह सिखाये तो समझ लीजिये उनका कहा हर एक शब्द आपके दिमाग में जाकर जैसे हमेशा के लिए अमिट हो जाता है । चेन्नई में चल रही सर आनंद की क्लास में आज ओपेनिंग का दिन था , आनंद नें ना सिर्फ यह बताया की कैसे आप कैसे ओपेनिंग की तैयारी करे बल्कि बच्चो के सवालो के भी जबाब दिये ,उन्होने कंप्यूटर के इस्तेमाल को आज की जरूरत बताया तो यह भी बताया की विरोधी के गलती करने पर आपको क्या करना चाहिए । देखे आनंद सर की क्लास में क्या रहा दूसरे दिन का नजारा !
17 से 19 मार्च तक आनंद प्रतिदिन बच्चो को 4 घंटे प्रशिक्षण दें रहे है यह पहली बार है की आनंद बच्चो को प्रशिक्षण दे रहे है
यह कार्यक्रम वेल्लामल स्कूल चेन्नई और गोल्डन गूस अकादमी के सयुंक्त तत्वाधान में हो रहा है चेसबेस इंडिया इस आयोजन का टेक्नॉलॉजी पार्टनर है .
पहले दिन एंड गेम के गुर सीखने के बाद दूसरा दिन बच्चो के लिए भी बेहद उत्साह भरा था सुबह 9.30 बजे ही इंटरनेशनल मास्टर सर्वानन नें बच्चो के सामने दूसरे दिन के कार्यक्रम की योजना सामने रखी जो थी ओपेनिंग की तैयारी और ओपेनिंग ट्रेप
जैसा की आपको पहले भी बताया की बच्चो को दो ग्रुप में बांटा गया है पहले वर्ग अडवांस गुप में 1500 रेटिंग से लेकर इंटरनेशनल मास्टर तक और दूसरे वर्ग इंटर मिडिएट में 1500 के नीचे के खिलाड़ियों को रखा गया है । आज शुरुआती आधे घंटे तक अनुभवी इंटरनेशनल मास्टर वी सर्वानान नें इंटर मिडिएट वर्ग को संबोधित किया ।
शुरुआत बिलकुल ओपेनिंग की नीव से हुई मसलन सेंटर पर नियंत्रण , मोहरो का समय से तेजी से बाहर निकलना ,किसी मोहरे को दोबारा ना चलना ,ज्यादा प्यादो को ना चलना ,एक ही मोहरे को बार बार ना चलना आदि ।
उसके बाद उन्होने बताया की बच्चो को 1.e4 के विरुद्ध 1..e5, c5, e6 or c6 खेलकर शुरुआत करनी चाहिए और बाकी अन्य ओपेनिंग से थोड़ा बचना चाहिए जब तक की उनकी खेल की समझ और बेहतर नहीं हो जाती और कुछ इसी तरह की बात उन्होने 1.d4 के लिए भी कही
करीब 10 बजे आनंद आ गए और फिर इसके बाद ग्रुप को दो भागो में बाँट दिया गया
इसके बाद क्वीन गेंबिट डिकलाइन ,निमजो ,बोगो,केटलन पर उन्होने बात की फिर कुछ बाते 1.d4, c4 और Nf3 पर भी हुई . उन्होने ये भी बताया की वो कैसे कार्लसन ,नकामुरा और अन्य बड़े खिलाड़ियों के खिलाफ अपनी तैयारी करते है साथ ही कैसे वो इन ओपेनिंग के नोट्स तैयार करते है
बाद में उन्होने ये भी बताया की किस तरह ओपेनिंग के साइड लाइन को खिलाड़ी चुनते है और उनका इस्तेमाल करते है , कभी कभी कुछ वेरिएसन से कैसे बचते है और अपनी पसंद की स्थिति हासिल करने के लिए क्या करते है , साथ ही साथ कैसे चालों को आगे पीछे करके भी कैसे ओपेनिंग खेलने की कोशिश की जाती है , कभी कैस मोहरो की अद्ल बदली भी सहायक होती है कुल मिलाकर उन्होने बताया की ओपेनिंग की तैयारी और चालाकी ही आपके विरोधी को चौंकाती है और मैच में बढ़त दिलाती है
आनंद नें बच्चो को सुझाव दिया की वो खास ओपेनिंग के लिए कुछ खिलाड़ियों के खेल को देखे जैसे एमएलवी नजडोर्फ के लिए ,आनंद ने ये भी बताया की कैसे शार्प ओपेनिंग को शीर्ष स्तर पर ज्यादा नहीं खेला जाता है क्यूंकी कुछ समय देखने के बाद वे लगभग बराबर नजर आती है और उन्होने कहा की ओपेनिंग को लगातार बदलना भी जरूरी है जैसे नकामुरा ,इवांचुक जैस खिलाड़ी करते है । उन्होने कहा की आपको हर तरह पोजिसन खेलना आना चाहिए । हालांकि आनंद नें माना की अब उनके लिए किंग्स इंडियन सीखना संभव नहीं है अंत में आनंद नें कहा की आज के समय ओपेनिंग पूरी तरह कंप्यूटर के इस्तेमाल से बेहद लचीली हो चुकी है ।
आनंद से एक बच्चे नें सवाल पूछा की जब आपका विरोधी ओपनिंग में कोई गलती कर दे तो क्या करना चाहिए तो आनंद नें जबाब दिया की
"इसी समय आपको और ज्यादा ध्यान से खेल के स्थिति का फायदा उठाने की कोशिश करनी चाहिए ना की आप उम्मीद करे की आप अपने आप ही जीत जाएंगे "
खैर खेल के अलावा आनंद से मिलने उनके साथ सेल्फी लेने उनके ऑटोग्राफ लेने की होड भी बच्चो में लगी हुई थी खैर आयोजको ने सभी को भरोषा दिलाया की इसके लिए वो अलग से इंतजाम करेंगे