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तमिलनाडु की मुख्‍यमंत्री जयललिता का निधन

by निकलेश जैन - 06/12/2016

भारत में पहली बार विश्व शतरंज चैंपियनशिप का आयोजन संभव बनाने वाली तामिलनाडु की मुख्यमंत्री और देश की ताकतवर महिला राजनेताओं में से एक जयललिता का चेन्नई के अपोलो अस्पताल में सोमवार रात निधन हो गया।वह 68 वर्ष की थीं और तकरीबन पिछले 3 माह से अस्पताल में भर्ती थीं । चेन्नई में 2013 में जब पहली बार विश्व शतरंज चैंपियनशिप का आयोजन हुआ था तब तमाम शंकाओं को हटाते हुए उन्होने ही इस आयोजन और ना सिर्फ उन्होने प्रायोजित किया था बल्कि आज भी वो प्रतियोगिता सबसे ज्यादा पुरुष्कार राशि वाली विश्व चैंपियनशिप के तौर पर जानी जाती है ।  वह शतरंज खेल की बहुत बड़ी प्रशंसक थी और उनके प्रयासो से ही तमिलनाडू में स्कूल में शतरंज खेल को स्कूल के पाठ्य क्रम में शामिल किया गया। चेसबेस इंडिया उनके निधन से शतरंज जगत को हुई क्षति के लिए शोक व्यक्त करता है और उन्हे श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके चाहने वालों को इस दुख को सहने का साहस मिले ऐसी कामना करता है । 

जयललिता जयाराम तामिल नाडु राज्य की एक लोकप्रिय नेता थीं, जिन्होंने अपने लोकलुभावन कार्यक्रमों से गरीबों का दिल जीता और पिछले तीन दशक से प्रदेश की राजनीति में एक ध्रुव थीं. उनको रविवार शाम को दिल का दौरा पड़ा था. इसके बाद उन्हें आईसीयू में भर्ती कराया गया. तमिलनाडु में स्‍कूल और कॉलेज तीन दिन के लिए बंद कर दिए गए हैं और छह दिसंबर से सात दिन के राजकीय शोक की घोषणा की गई है. जयललिता का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शनों के लिए राजाजी हॉल में रखा जाएगा.जयललिता का जन्म 24 फरवरी, 1948 को कर्नाटक राज्य के मैसूर में हुआ था. उन्होंने बेंगलुरु के बिशप कॉटन गर्ल्स से हाई स्कूल की शिक्षा प्राप्त की.बाद में जब उनकी मां ने तमिलनाडु की फिल्म इंडस्ट्री में अभिनेत्री के तौर पर करियर शुरू किया तो उन्होंने चेन्नई के प्रजेंटेशन कॉन्वेंट में दाखिला लिया.   

 

2013 की विश्व शतरंज चैंपियनशिप का एक नजारा  
प्रतियोगिता को अपने शानदार इंतज़ामों के लिए  आज भी याद किया जाता है
2013 में अपनी पहली विश्व चैंपियनशिप जीतने वाले कार्लसन को पहला पुरुष्कार  जयललिता नें ही प्रदान किया था 
फिल्मी दुनिया से राजनीति की दुनिया तक का सफर तय करने वाली जयललिता तमिलनाडु की चार बार मुख्यमंत्री बनीं और डीएमके पार्टी का राज्य में विकल्प बनीं. इस वर्ष मई में भारी बहुमत से जीत दर्ज करके उन्होंने इतिहास रच दिया था. पिछले तीन दशक में यह पहला मौका था जब किसी मुख्यमंत्री को लगातार दूसरी बार जीत मिली थी.
उनकी पहली फिल्म चिन्नाडा गोम्बे बहुत सफल रही थी. जयललिता ने उस समय के सुपरस्टार एमजी रामचंद्रन उर्फ एमजीआर के सथ 28 फिल्मों में काम किया जो उनके राजनीतिक मार्गदर्शक हुआ करते थे. एमजी रामचंद्रन ने ही एआईएडीएमके की स्थापना की थी.  
जयललिता को उनके प्रशंसक और उनकी पार्टी एआईएडीएमके के नेता, समर्थक प्यार से 'अम्मा' या मां कहते थे. उन्हें पुरात्चि थलाइवी (क्रांतिकारी नेत्री) भी कहा जाता था.  
2013 में कार्लसन को विश्व विजेता के तौर पर लगभग 10 करोड़ रुपेय मिले थे जो अब की पुरुष्कार राशि का  दोगुना है 
2013 में विश्व खिताब देती जयललितता 
विश्वनाथन आनंद को पुरुष्कार देती जयललिता 
चेसबेस परिवार उनके निधन पर गहरी संवेदना प्रकट करता है 
निकलेश जैन