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कबड्डी .. कबड्डी .. कबड्डी .. भारत बना विश्व चैम्पियन

by निकलेश जैन - 23/10/2016

शतरंज की तरह एक और खेल भारत में जन्मा जिसमें भारत की मिट्टी की ताकत भी है । हमारे देश में आज के इस क्रिकेटमयी युग में जंहा क्रिकेट के विश्व कप जीतने पर हम सब सड़कों पर निकलकर डांस करने लगते है आतिशबाज़ी करने लगते है कबड्डी में भारत का विश्व कप जीतना शायद उतनी बड़ी खबर ना समझी जाए पर  कल रात जब मैंने हमारे देश में जन्मे इस खेल के फ़ाइनल मुक़ाबले में भारत को ईरान से पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए देखा तो मन गर्व से भर उठा , देखा तो लगा शायद फुटबाल की तरह की फुर्ती ,बैडमिंटन की तरह की  तेजी ,शतरंज की तरह बुद्धिमानी और एकाग्रता ,कुश्ती की तरह दांव लगाने की महारत और किसी भी अन्य खेल की तरह वापसी करने की क्षमता इस खेल में समाई हुई है और इसे खेलना जंहा काफी रोचक है तो इसे खेलने वालों की मेहनत किसी अन्य खेल के खिलाड़ी से ज्यादा ही मालूम पड़ती है । खैर भारत की कबड्डी टीम नें लगातार तीसरी बार कबड्डी का विश्व कप जीत लिया है और इससे पहले भारत एशियन खेलो में लगातार 7 स्वर्ण पदक जीत चुका है ! विश्व भर से प्रतिनिधित्व कर रही विभिन्न देशो की टीमों के बीच भारत की विश्व विजयी टीम को बधाई !! 

 

 

विदेशो में और पश्चिम  में भारत के खेलो और आविष्कारों को पिछली एक सदी में ज्यादा महत्व नहीं दिया गया कारण था आज़ादी से जूझता ,गरीबी ,अशिक्षा और बेरोजगारी से लड़ता भारत  पर इस दौरान भी कभी कभी भारत दुनिया में धीरे धीरे ही सही अपनी जगह बनाता रहा । भारत में जन्में  और यहीं रचा बसे यह खेल आज विश्व भर में खेले  जाने लगे  है इसकी  प्रसिद्धि अब दुनिया को लुभा रही है । और भारत को अब इन खेलो के जनक के साथ इनकी एक प्रमुख महाशक्ति कहना अतिसायोंक्ति नहीं होगी । शतरंज में भारत के दबदबे के बीच कबड्डी की यह जीत हम सबमें उत्साह भरने के लिए काफी है !

 

 

लगभग हर महाद्वीप के प्रतिनिधित्व करती टीम इस खेल के बढ़ते प्रभाव का परिचायक है !

 

 

सभी टीमों को पीछे छोड़ते हुए भारत और ईरान लगातार तीसरी बार विश्व कप फ़ाइनल पहुंचे थे 

 

भारत नें ईरान को फ़ाइनल मुक़ाबले में 38-28 से पराजित करते हुए खिताब अपने नाम किया 

 

 

भारत के अजय ठाकुर मैच के हीरो रहे ! उन्होने भारत को वापसी कराते हुए खिताब दिलाया

मैच के बाद कप्तान अनूप कुमार को खिलाड़ियों नें कुछ यूं कंधो पर उठा लिया

देर से ही सही पर धीरे धीरे अन्य खेलो का महत्व भी भारत में बढ़ रहा है !! मतलब हम सही रास्ते पर है !

 

जो लोग कबड्डी खेल को नहीं समझते फ़ाइनल मुक़ाबले को देखे और यकीन करे खेलने के मुक़ाबले समझने में यह  बेहद आसान खेल है 

भारत में इस खेल की वापसी कराने में प्रो कबड्डी लीग का बड़ा हाथ रहा है ,पिछले सीजन में ग्रांड शतरंज खिलाड़ी तनिया सचदेव भी राष्ट्रीय गान गाकर इस लीग से जुड़ी थी । 

 

खैर हम खेल कोई भी खेले देश की जीत आपको गर्व और प्रेरणा से भर देती है । सच कहा ना मैंने ..

 

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आपका दोस्त 

निकलेश जैन

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