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तो क्या भारत बनेगा ,ओलम्पियाड का विजेता ?

by Niklesh Jain - 21/03/2018

कहते है जब कोई बड़ा लक्ष्य आपकी नजरों के सामने हो तो उसके लिए प्रयास भी आपको समय पर शुरू करने होते है । भारत के लिए शतरंज ओलंपियाड का स्वर्ण पदक हासिल करना हमेशा से एक बड़ा सपना रहा है और आज जब देश मे पाँच बार के विश्व चैम्पियन विश्वनाथन आनंद ,हरीकृष्णा और विदित 2700 रेटिंग से ज्यादा के खिलाड़ी और शशिकिरण ,सूर्य शेखर गांगुली ,अधिबन और सेथुरमन जैसे विश्व स्तरीय खिलाड़ी मौजूद हो तो फिर भारत क्यूँ स्वर्ण पदक नहीं जीत सकता । यही सवाल हर शतरंज प्रेमी के मन मे उठना स्वाभाविक है । अगला ओलंपियाड जॉर्जिया के बातुमी में होने जा रहा है और इस बार अखिल भारतीय शतरंज महासंघ के सचिव भारत सिंह चौहान नें इस दिशा में एक नयी पहल करते हुए भारत की ओलंपिक टीम में सभी दिग्गज सितारों को ना सिर्फ शामिल किया बल्कि टीम अभी से अपनी तैयारी शुरू कर चुकी है और ऐसे में जब अभी प्रतियोगिता में 6 माह से ज्यादा का वक्त बाकी है यह संभव नजर आता है तो क्या भारत इस बार ओलम्पियाड का सिरमौर बनेगा ?

दिल्ली ,( निकलेश जैन ) सितंबर के अंत में बातुमी जॉर्जिया में होने वाले 43वे शतरंज ओलंपियाड के लिए भारतीय शतरंज टीम इस बार बहुत ही मजबूत इरादो से भरी नजर आ रही है । यह पहला मौका है जब भारतीय टीम की तैयारी 6 माह पहले ही नजर आ रही है । और बड़ी बात यह है की इस बार विश्व शतरंज ओलंपियाड की टीम में पाँच बार के क्लासिकल विश्व चैम्पियन और वर्तमान रैपिड शतरंज चैम्पियन विश्वनाथन आनंद भी नजर आएंगे और यह बात टीम में जोश भरने के लिए काफी है । तो कहना होगा की एआईसीएफ़ का यह प्रयास वाकई सराहनीय है । 

5 बार के विश्व विजेता आनंद को दिल्ली एयरपोर्ट पर जोरदार स्वागत और सम्मान के साथ संघ की टीम लेने पहुंची 

16 से 23 मार्च के बीच टीम के खिलाड़ी दिल्ली में प्रशिक्षण शिविर में टीम एक साथ तैयारी करते नजर आए  । अखिल भारतीय शतरंज संघ के सचिव भारत सिंह चौहान नें बताया की संघ खिलाड़ियों को हर सुविधा और प्रशिक्षण उपलब्ध करा रहा है ताकि भारत इस बार सबसे बेहतर प्रदर्शन कर सके । 


एक टीम के तौर पर  साथ होना टीम की एकता के लिए और ..

एक दूसरे के साथ घुलने मिलने के लिए एक शानदार अवसर होता है . 

कौन होंगे टीम में - टीम में वैसे तो 5 खिलाड़ी होते है पर इस समय टीम में कौन होगा इस का निर्णय उनकी अंतर्राष्ट्रीय रेटिंग के आधार पर होगा अगर वर्तमान की बात करे तो विश्वनाथन आनंद ( 2776 ) ,पेंटाला हरीकृष्णा (2731) , विदित गुजराती ( 2723) का स्थान नजर आता है । लेकिन बाकी के दो स्थान के लिए कृष्णन शशिकिरण ( 2671) ,सूर्य शेखर गांगुली ( 2657) ,भास्करन अधिबन ( 2650) और सेथुरमन ( 2649) के बीच कडा मुक़ाबला है और देखना होगा की कौन इनमें से टीम में जगह बनाता है । टीम के कोच ग्रांड मास्टर आरबी रमेश होंगे और उनका मानना है की इस बार भारत बढ़ी हुई ताकत से पहली बार शतरंज ओलंपियाड का स्वर्ण पदक हासिल कर सकता है । 


#NameTitleFedRatingGB-Year
 1 Anand, Viswanathan g IND 2776 2 1969
 2 Harikrishna, P. g IND 2731 16 1986
 3 Vidit, Santosh Gujrathi g IND 2723 0 1994
 4 Sasikiran, Krishnan g IND 2671 0 1981
 5 Ganguly, Surya Shekhar g IND 2657 8 1983
 6 Negi, Parimarjan g IND 2656 0 1993
 7 Adhiban, B. g IND 2650 9 1992
 8 Sethuraman, S.P. g IND 2649 13 1993

 

सम्मान समारोह 

यह पहला मौका था जब भारत नें अपने विजेताओं की जरूरतों को समझते हुए उन्हे सम्मान सुविधा और समय पर एक साथ लाने का काम किया है और इस कार्य में भारत सिंह चौहान जी नें एक बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और परिणाम कुछ भी भारत के लिए एक नए स्वर्णिम शतरंज युग की शुरुआत हो चुकी है । 

विश्वनाथन आनंद जैसे दिग्गज के चेहरे की मुस्कान बहुत कुछ स्वयं कह रही है 

 हरीकृष्णा से भी देश को बहुत उम्मीद है 

विदित तो जैसे इस समय नयी इबारत लिखने के लिए खुद बेताब है 

गुरु रमेश की मौजूदगी निश्चित तौर पर टीम के लिए एक सबसे बड़ी बात है 

सीधे प्रसारण से टीम नें बांटे सभी के साथ अपने अनुभव !!

टीम के सभी सदस्यों नें अपने कई बेहतरीन अनुभव एआईसीएफ़ के सीधे प्रसारण कार्यक्रम में बांटे ,इसका सीधा प्रसारण चेसबेस इंडिया और नर्चर डाट काम के फेसबुक पेज पर भी किया गया । उम्मीद है यह नि शुरुआत और प्रयास भारतीय शतरंज टीम को तैयारी का भरपूर मौका देंगे और देश को ओलंपिक का सिरमौर बनने का मौका !

निकलेश जैन

 


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