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भारत करेगा 44वें शतरंज ओलंपियाड की मेजबानी

by Niklesh Jain - 16/03/2022

जब कोई सपना अचानक से हकीकत बन जाए तो आपकी खुशी का ठिकाना नहीं रहता विश्व शतरंज ओलंपियाड हमेशा से भारत मे हो ऐसा हर शतरंज को समझने वाले का सपना रहा है और अचानक से यह सपना सच होने जा रहा है । 44वां शतरंज ओलंपियाड जो की रूस के मॉस्को में होने वाला था कुछ दिनो पहले रूस के उक्रेन पर हमला करने के कारण स्थानांतरित होना तय हो गया था ऐसे में अखिल भारतीय शतरंज संघ नें इस मौके को भुनाते हुए विश्व शतरंज संघ को इसे आयोजित करने की इच्छा जताते हुए बोली लगा दी और कल रात विश्व शतरंज संघ नें इस पर हाँ की मुहर लगा दी । 



   भारत में होगा 44वां विश्व शतरंज ओलंपियाड़ ,चेन्नई करेगा मेजबानी 

2तमिलनाडु राज्य की राजधानी चेन्नई में 2022 विश्व शतरंज ओलंपियाड की मेजबानी के लिए अखिल भारतीय शतरंज महासंघ द्वारा लगाई  गयी बोली को विश्व शतरंज संघ नें मंजूरी दे दी है और इसके साथ ही पाँच बार के विश्व चैम्पियन विश्वनाथन आनंद की जन्मस्थली में जुलाई के अंतिम सप्ताह से अगस्त के प्रथम सप्ताह तक 44 वां विश्व शतरंज ओलंपियाड़ खेला जाएगा ।

यह आयोजन दक्षिण भारत के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक, महाबलीपुरम क्षेत्र में स्थित शेरेटन फोर पॉइंट्स कन्वेंशन सेंटर में आयोजित किया जाएगा ।

यह अब तक के सबसे बेहतरीन शतरंज  हाल में से एक होगा 

भारत की शतरंज राजधानी कहे जाने वाले चेन्नई में इससे पहले 2013 में विश्व शतरंज चैंपियनशिप का आयोजन किया गया था । शतरंज के सबसे बड़े इस प्रतियोगिता को टीम फॉर्मेट के आधार पर खेला जाता है और इसमें महिला और पुरुष वर्ग की अलग – अलग करीब 190 देशो की टीमें प्रतिभागिता करती है ।

प्रतियोगिता में करीब 2000 खिलाड़ी और इतने ही अन्य आधिकारिक लोग जुटेंगे । मेजबान होने के नाते भारत इसमें दोनों ही वर्गो में दो टीम उतार सकेगा । 

प्रतियोगिता के आयोजन के लिए करीब 100 करोड़ रुपेय का बजट है जिसमें एक बड़ा हिस्सा तमिलनाडू सरकार के द्वारा दिये जाने की घोषणा राज्य के चीफ मिनिस्टर एमके स्टालिन नें की है ।

एआईसीएफ सचिव भरत सिंह चौहान नें कहा की हमारे पास दुनिया के सबसे बड़े शतरंज आयोजन को कराने के लिए सिर्फ चार माह है पर हम इसे किसी भी कीमत में सफल बनाएँगे ,हमारे पास अब सोने के लिए वक्त नहीं है ,यह भारत के लिए गौरान्वित करने वाला क्षण है । 

दरअसल 44 वां ओलंपियाड, जो मास्को और खांटी-मानसीस्क में होने वाला था, रूस यूक्रेन -युद्ध के बाद विश्व शतरंज संघ द्वारा रूस के बाहर कराने का निर्णय लिया गया था और ऐसे में भारत नें यह ज़िम्मेदारी लेने की इच्छा जताई थी जिसे स्वीकार कर लिया गया । 

विश्वनाथन आनंद के द्वारा फीडे को लिखा गया यह पत्र भी चर्चा मे रहा 

विश्वनाथन आनंद , कोनेरु हम्पी समेत सभी शीर्ष खिलाड़ियों नें इस उपलब्धि पर आयोजन समिति को शुभकामनाए दी है । 

 

 

 

 






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