chessbase india logo

55वीं राष्ट्रीय पुरुष चैलेंजर -दीपन बने विजेता ,स्वप्निल दूसरे तो हिमांशु रहे तीसरे

by निकलेश जैन - 31/08/2017

इसी साल 8 फरवरी की बात है नेशनल टीम शतरंज चैंपियनशिप में एक राउंड पूर्व ही विजेता बन चुकी रेल्वे की ए टीम का मुक़ाबला मेजबान मध्य प्रदेश की बेहद साधारण नजर आ रही टीम से था फिर भी रेल्वे बमुश्किल 2.5-1.5 से जीत दर्ज कर सकी ,क्यूंकी उनके एक बेहद महत्वपूर्ण खिलाड़ी को हार झेलनी पड़ी थी और हार का असर इतना गहरा था की उस खिलाड़ी के लिए उसे सहन करना आसान नहीं था ,वही खिलाड़ी नेशनल चैलेंजर में खेलते हुए आठवे राउंड तक आते दो बार हार का सामना करता है फिर भी अपने आक्रामक खेल से कोई समझौता नहीं करता और खुद पर भरोसा बनाए रखता है और अंत में वही खिलाड़ी लय में चल रहे दिग्गजों को पराजित करता हुआ अंतिम पाँच मे से पूरे अंक बनाता हुआ अपना पहला राष्ट्रीय खिताब अपने नाम कर लेता है ! और वह है ग्रांड मास्टर दीपन चक्रवर्ती ,जी हाँ कहना ही होगा की यह चैंपियनशिप स्वप्निल और हिमांशु के शानदार खेल से पहले दीपन के अद्भुत पराक्रमी खेल के लिए जानी जाएगी !पढे यह लेख .. 

अंतिम निर्णायक मैच के पहले जहां स्वप्निल 10 अंक पर तो दीपन 9.5 अंक पर थे और स्वप्निल को खिताब हासिल करने के लिए ड्रॉ की जरूरत थी

 

55वीं राष्ट्रीय पुरुष चेलेंजर शतरंज स्पर्धा  में अंतिम राउंड में ही सबसे बड़ा उलटफेर करते हुए रेल्वे के ग्रांड मास्टर दीपन चक्रवर्ती नें सभी को चौंकाते हुए 12 राउंड तक सबसे आगे रहे रेल्वे के ग्रांड मास्टर स्वप्निल धोपाड़े को काले मोहरो से शानदार एंडगेम में पराजित कर अपने खेल जीवन का पहला सीनियर राष्ट्रीय खिताब जीत लिया । मैच के पहले जहां स्वप्निल 10 अंक पर तो दीपन 9.5 अंक पर थे और स्वप्निल को खिताब हासिल करने के लिए ड्रॉ की जरूरत थी पर वह रक्षात्मक खेलने की कोशिश में दबाव में आ गए और दीपन की इच्छाशक्ति नें उनसे खिताब छीन लिया  और दीपन 10.5 अंको के साथ विजेता बन गए । दीपन की जीत में खास बात यह रही की उन्होने अपने अंतिम सभी पाँच मैच जीते जबकि स्वप्निल नें 1 जीत और 3 मैच ड्रॉ खेले यही बात उन्हे नुकसान पहुंचा गयी । खैर अंतिम राउंड को छोड़ दे तो स्वप्निल भी शानदार खेले ।

नेशनल सबजूनियर के बाद दीपन नें कभी भी कोई राष्ट्रीय खिताब नहीं जीता था और उनका कहना था की आज वो अपना सपना पूरा करना चाहते थे और ऐसा कर भी सके 

स्वप्निल नें 1-d4 चलकर खेल की शुरुआत की तो दीपन नें 1...g6से शुरुआत की 

एक विजेता की मुस्कान !!

एक और खिलाड़ी जो पूरे टूर्नामेंट में शानदार खेले वो थे हिमांशु शर्मा तो तीसरे स्थान पर भी रेल्वे का कब्जा रहा और हिमांशु शर्मा नें अंतिम राउंड में पूरा ज़ोर लगाकर एलआईसी के ग्रांड मास्टर श्रीराम झा को पराजित करते हुए 9.5 अंको के साथ तीसरा स्थान हासिल का लिया । 

 

नेशनल चैंपियनशिप के पहले तीन ! त्रिदेव !! दीपन (मध्य ) ,स्वप्निल (बाए ) और हिमांशु ( दाये )

नेशनल प्रीमियर के लिए चयनित हुए सभी खिलाड़ी आयोजको के साथ 

देवाशीष दास काफी दिनो बाद आक्रामक नजर आए और चौंथे स्थान पर रहे 

रोहित भी अंततः सप्तर्षि रॉय चौधरी को पराजित कर चयनित होने में कामयाब रहे 

अभिजीत कुंटे भले ही अब वह उतने मैच नहीं खेलते पर उनका अनुभव ही काफी है !अंतिम राउंड में पूर्व विजेता रवि तेजा को हराकर उन्होने प्रीमियर में जगह बनाई 

एस नितिन नें अपना अच्छा खेल जारी रखते हुए अंतिम राउंड में मेजबान नगर के खिलाड़ी फेनिल शाह को पराजित कर अपनी जगह बनाई 

नेशनल ब्लिट्ज़ चैम्पियन आरआर लक्ष्मण इस समय अच्छी लय में है वह भी शीर्ष 9 में जगह बनाने में कामयाब रहे 

 

नौ चयनित खिलाड़ी !!

Rk.SNoNamesexFEDRtgClub/CityPts. TB1  TB2  TB3  TB4  TB5 
110GMDeepan Chakkravarthy J.IND2466RSPB10,50,0101,0107,586,0010,0
25GMSwapnil S. DhopadeIND2516RSPB10,00,0106,5113,084,258,0
36GMHimanshu SharmaIND2514RSPB9,50,0106,0113,079,258,0
48GMDebashis DasIND2493ODI9,50,0104,5110,078,757,0
53GMLalith Babu M RIND2529PSPB9,50,0103,0110,078,757,0
67GMKunte AbhijitIND2505PSPB9,50,0101,0107,577,506,0
72GMSunilduth Lyna NarayananIND2564KER9,50,0100,0106,575,507,0
814IMNitin S.IND2421RSPB9,50,096,0102,071,507,0
917GMLaxman R.R.IND2397RSPB9,50,095,0100,071,757,0

मात्र टाईब्रेक की वजह से जो चूक गए   (सभी  9.0 अंको पर )

101GMAravindh Chithambaram Vr.IND2579TN9,00,0102,5109,072,756,0
1115IMDas ArghyadipIND2419RSPB9,00,0102,0109,072,756,0
1234Sammed Jaykumar SheteIND2277MAH9,00,099,0105,068,508,0
1313IMShyaamnikhil PIND2447RSPB9,00,097,5104,071,005,0
1426IMPadmini RoutwIND2327PSPB9,00,096,0102,069,005,0
1561Surendran NIND2124TN9,00,092,597,566,756,0
1644Nayak RajeshIND2211ODI9,00,091,597,064,007,0