गेब्जे ,टर्की में चल रही विश्व जूनियर शतरंज चैंपियनशिप के राउंड 9 मे भारतीय ग्रांड मास्टर अभिमन्यु पौराणिक नें प्रतियोगिता में अपनी छठी जीत दर्ज करते हुए खिताब के दावेदार में शुमार ईरान के अलीरेजा फिरौजा को पराजित करते हुए ना सिर्फ एक और उलटफेर किया बल्कि अब वह पदक की दौड़ में शामिल भारत की एकमात्र उम्मीद भी है । सिसिलियन मार्कोज़ी बाइंड ओपनिंग में अभिमन्यु के वजीर के हिस्से से आक्रमण को अलीरेजा नहीं समझ सके और अभिमन्यु नें अपना लगातार दूसरा मैच अपनी ओपनिंग की गहरी समझ के चलते अपने नाम कर लिया । अब अभिमन्यु भारतीय खिलाड़ियों में सबसे आगे 7 अंक पर खेल रहे है और एक और जीत उनका रजत या कांस्य पदक तय कर सकती है । 

देखिये कैसे खेल के अंतिम क्षणो में भी अभिमन्यु पूरे संयम से खेल रहे है 
मैच जीतने के बाद अभिमन्यु नें चेसबेस इंडिया से बातचीत की 

 

वार्षिनी की वीरता से बंधी पदक की उम्मीद !

दो राउंड पहले तक भारतीय बालिका वर्ग में पदक की उम्मीद लगभग समाप्त नजर आ रही थी पर अपने बेहद शानदार खेल से वी वार्षिनी नें भारत के लिए पदक की उम्मीद कायम रखी है 

वार्षिनी नें ना सिर्फ गबरिएला अंटोवा को पराजित किया बल्कि अपने खेल जीवन का शायद सबसे बेहतरीन मैच खेला 

Nd2, सफ़ेद के लिए एक खराब चाल साबित हुई और काले मोहरो के लिए यह आक्रमण की शुरुआत साबित हुई 

...खाली हुए h4 खाने में घोड़े के आते ही राजा की ओर दबाव बनना शुरू हो चुका था .

जल्द ही ऊंट के  h3पर आने का रास्ता साफ था 

e3! के खाने पर अपने हाथी को देने की पेशकश नें सफ़ेद को बुरी स्थिति में ला दिया 

तो हाथी के g3 !पर जाते ही राजा घोर संकट में था उसे मारने का मतलब था खेल की समाप्ती 

जल्द ही ऊंट की कमजोरी को समझते हुए वार्षिनी का दूसरा हाथी भी खेल में शामिल हो गया !

और आखिरकार हाथी की यह कुर्बानी जीत की आखिरी चाल साबित हुई !

इस शानदार खेल का विश्लेषण किया है डबल्यूआईएम एलेक्ट अमृता मोकल नें :

ईरान के परहम मघसूद  का विजेता बनना लगभग तय -

ईरान की सनसनी और प्रतियोगिता में शीर्ष पर पहुंचे दो भारतीय हर्षा और कार्तिक को पराजित करने वाले परहम नें नौवे राउंड में अपने नजदीकी प्रतिद्वंदी अमेरिका के लियांग आवोण्डर (6.5) को पराजित करते हुए 8.5 अंक बना लिए है और अब वह दूसरे स्थान पर अभिमन्यु समेत तीन खिलाड़ियों से 1.5 अंक आगे निकल गए है और ऐसे में एक जीत और या दो ड्रॉ उन्हे खिताब दिला सकते है और अब कोई चमत्कार ही उन्हे विजेता बनने से रोक सकता है । 

 

भारतीय खिलाड़ियों का अब तक का प्रदर्शन !

भारत के अन्य परिणामो में दिन अच्छा साबित नहीं हुआ और कार्तिक वेंकटरमन (6)की रूस के वोवोलीन मेक्सिम के हाथो हार नें तो उनके पदक की उम्मीद लगभग समाप्त कर दी तो वापसी की कोशिशों में लगे शीर्ष भारतीय मुरली कार्तिकेयन(5.5) को रोमानिया के डेविड गवरलिसकुए के हाथो हारकर पदक की दौड़ से बाहर हो गए । हर्षा भारतकोठी (5) , सुनील नारायणन (5.5)और अरविंद चितांबरम (5) के ड्रॉ खेलने से उनकी पदक की उम्मीद भी लगभग समाप्त हो गयी । महिला खिलाड़ियों में सिर्फ भारत की वार्षिनी वी अगर लगातार दो मैच जीती तो पदक की उम्मीद बना सकती है वरना फिलहाल तो भारतीय चुनौती समाप्त नजर आ रही है ।