
एक लंबे समय से खिताब ना जीत पाने का मलाल नाकामुरा के लिए बना हुआ था और ग्रांड चैस टूर में उनकी जीत विश्व शतरंज के लिए एक अच्छा संकेत है



बात करे आनंद की तो उनके लिए पेरिस की अच्छी शुरुआत उतनी काम नहीं आई और फिर अधिकतर मुक़ाबले ड्रॉ रहे , हालांकि ब्लिट्ज़ में उन्होने अच्छा खेल दिखाया पर वहाँ भी कुछ मैच उनके पक्ष में और जाने से निश्चित तौर पर अंक तालिका में परिवर्तन देखने को मिल सकता था ।
रैपिड !!
ग्रांड चैस टूर के दूसरे पड़ाव के रैपिड मुकाबलों का खिताब लगातार दूसरी बार भी अमेरिका के वेसली सो नें अपने नाम कर लिया उन्होने 9 मैच में 4 जीत ,4 ड्रॉ और एक हार समेत दोहरी अंक प्रणाली के आधार पर कुल 12 अंक जुटाये और वह हमवतन हिकारु नाकामुरा और रूस के सेरगी कार्याकिन से महज 1 अंक आगे रहे ,वही पहले दिन की बढ़त का भारत के विश्वनाथन आनंद फायदा नहीं उठा सके और सयुंक्त चौंथे स्थान पर रहे ।

आनंद नें पहले दिन मिली एक जीत के बाद 7 ड्रॉ खेले और जबकि उन्हे एक मैच में हार का सामना करना पड़ा वह कुल 9 अंक बनाकर ,अर्मेनिया के लेवान अरोनियन और फ्रांस के मेक्सिम लाग्रेव के साथ सयुंक्त चौंथे स्थान पर रहे । अन्य खिलाड़ियों में अमेरिका के फेबियानों करूआना 8 अंक , रूस के व्लादिमीर क्रामनिक ,अलेक्ज़ेंडर ग्रीसचुक ,और अजरबैजान के शाकिरयार ममेद्यारोव 7 अंक ही जुटा सके ।

ब्लिट्ज़

बात करे ब्लिट्ज की तो आनंद के लिए यहाँ तीन जीत उनके हिस्से आई तो 5 मुक़ाबले में उन्हे हार का सामना करना पड़ा जबकि 10 मुक़ाबले ड्रॉ रहे

नाकामुरा नें रैपिड में 11 तो ब्लिट्ज़ में 12 अंक बनाते हुए कुल 23 अंको के साथ सर्वोच्च स्थान हासिल किया ।
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