
भारतीय खेल प्राधिकरण और अखिल भारतीय शतरंज संघ के महिला शतरंज को आगे बढ़ाने के सयुंक्त प्रयास के तहत अहमदाबाद में 6 देशो की 12 महिला ग्रांड मास्टर और इंटरनेशनल मास्टर के मध्य आयोजित हुए एआईसीएफ़ महिला ग्रांड मास्टर टूर्नामेंट का खिताब भारत की महिला इंटरनेशनल मास्टर मृदुल देहानकर ने जीत लिया ।



आकांक्षा भी यह खिताब जीत सकती थी पर अंतिम राउंड में हार नें उन्हे चौंथे स्थान पर पहुंचा दिया

7 अंको पर तीन खिलाड़ी रहे पर बेहतर टाईब्रेक के आधार पर वियतनाम की महिला ग्रांड मास्टर थी माई दूसरे स्थान पर रही अंतिम राउंड में उन्होने जॉर्जिया की अना गावशेली को पराजित किया

उक्रेन की महिला ग्रांडमास्टर बॉबी ओल्गा तीसरे स्थान पर रही उन्होने अंतिम राउंड में वियतनाम की फुओंग लौंग को हराया जो खुद दूसरे स्थान की सबसे बड़ी दावेदार थी , विजेता बनी मृदुल के साथ उनका मुक़ाबला नौवे राउंड में ड्रॉ रहा था

सभी खिलाड़ियों को बेहतरीन ट्रॉफियाँ से सम्मानित किया गया साथ है गुजरात संघ के सचिव भाई भावेश पटेल
भारत की आकांक्षा हागवाने को चौंथे स्थान से संतोष करना पड़ा । 6.5 अंक बनाकर वियतनाम की फुओंग लौंग पांचवे ,5.5 अंक बनाकर भारत की प्रत्युशा बोदा छठे तो प्रियांका नुताकी सातवे स्थान पर रही ,5 अंक बनाकर जॉर्जिया की अना गावशेली आठवे ,4.5 अंक बनाकर मंगोलिया की अलतान उलजी नौवे तो भारत की ए हर्षिनी दसवे स्थान पर रही । 4 अंक बनाकर उजबेकस्तान की कुर्बोनोएवा सर्विनोज ग्यारहवे तो भारत की तनिशा कोटिया अंतिम बारहवें स्थान पर रही । विजेताओं को कुल 10 लाख रुपेय के पुरुषकार वितरित किए गए ।

भारत में हुई किसी भी महिला ग्रांड मास्टर राउंड रॉबिन टूर्नामेंट की यह अब तक की सबसे बड़ी पुरुष्कार राशि रही


फ़ाइनल रैंकिंग









