AICF की वेबसाइट पर फिर दिखा MP Chess Association

जबलपुर, मध्य प्रदेश शतरंज संघ (Madhya Pradesh Chess Association) से जुड़े मामले में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने 5 अक्टूबर 2026 को महत्वपूर्ण आदेश पारित किया। माननीय न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा की एकल पीठ ने मध्य प्रदेश शतरंज संघ की याचिका स्वीकार करते हुए अखिल भारतीय शतरंज महासंघ (AICF) के 29 सितंबर 2021 और 30 सितंबर 2021 के आदेशों को निरस्त कर दिया। अदालत ने AICF को संघ की संबद्धता के मामले पर दोबारा विचार करने का निर्देश दिया है।

हाई कोर्ट के आदेश के अनुसार, AICF ने अदालत में कहा कि वह इस मामले पर पुनर्विचार करने के लिए तैयार है और पूरी प्रक्रिया 30 दिनों के भीतर पूरी की जाएगी। अदालत ने AICF के इस बयान को रिकॉर्ड पर लेते हुए याचिका का निपटारा कर दिया।

मामले की सुनवाई के दौरान AICF की ओर से दाखिल जवाब में यह भी उल्लेख किया गया कि मध्य प्रदेश शतरंज संघ की संबद्धता बहाल करने की सिफारिश पहले ही की जा चुकी थी। जवाब के अनुसार, मध्य प्रदेश शतरंज संघ की तदर्थ समिति ने 2 अप्रैल 2024 के पत्र के माध्यम से बताया था कि संघ के चुनाव जून 2024 में होने थे और संबंधित पक्षों से मिले फीडबैक को ध्यान में रखते हुए संबद्धता बहाल करने की सिफारिश की गई थी।

AICF की वेबसाइट पर मध्य प्रदेश शतरंज संघ फिर सूचीबद्ध

हाई कोर्ट के आदेश के बाद मध्य प्रदेश शतरंज संघ का नाम अखिल भारतीय शतरंज महासंघ की वेबसाइट पर मध्य प्रदेश के संबद्ध संघ के रूप में फिर दिखाई देने लगा है। इसे राज्य में शतरंज प्रशासन की स्थिति को लेकर एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।

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क्या था मामला?

मध्य प्रदेश शतरंज संघ ने वर्ष 2021 में जारी AICF के आदेशों को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में इन आदेशों पर रोक लगाने और संघ के कामकाज में हस्तक्षेप रोकने सहित विभिन्न राहतों की मांग की गई थी।

5 अक्टूबर 2026 के आदेश में हाई कोर्ट ने 29 सितंबर 2021 और 30 सितंबर 2021 के आदेशों को निरस्त करते हुए संबद्धता के मामले को AICF के पास पुनर्विचार के लिए वापस भेज दिया। इस प्रकार, अब मामले में आगे की कार्रवाई AICF द्वारा की जानी है।

मध्य प्रदेश शतरंज संघ के सचिव कपिल सक्सेना , तस्वीर : भोपाल ग्रैंडमास्टर शतरंज 2019

क्या होगा असर : इस आदेश के साथ ही मध्य प्रदेश ऐड हॉक कमेटी स्वतः ही समाप्त हो गई है और अब मध्य प्रदेश के सभी शतरंज संबंधी गतिविधियां मध्य प्रदेश राज्य शतरंज के माध्यम से ही संचालित होगी। जिला स्तर से लेकर राज्य स्तर तक यह खबर खिलाड़ियों के लिए राहत देने वाली है क्यूँकि बिना राज्य संघ के खिलाड़ी विगत पाँच वर्षो से कई मूलभूत सुविधाओं के बिना खेल रहे थे।

संदर्भ: मध्य प्रदेश हाई कोर्ट, जबलपुर; रिट याचिका क्रमांक 38803/2024, M.P. Chess Association बनाम Union of India एवं अन्य; आदेश दिनांक 5 अक्टूबर 2026।