विश्व खिताब की रक्षा से एक महीने पहले दोस्तों संग फ़िल्मी शाम; क्या पर्दे के पीछे गुकेश की मदद कर रहे हैं प्रज्ञानन्दा?

चेन्नई । विश्व शतरंज चैंपियन डी गुकेश अपने करियर की सबसे बड़ी परीक्षा से पहले दोस्तों के साथ फ़िल्म देखने सिनेमा हॉल पहुंचे। गुकेश ने अपने बचपन के साथी ग्रैंडमास्टर प्रज्ञानन्दा और उनकी बड़ी बहन ग्रैंडमास्टर वैशाली के साथ तमिल सुपरस्टार 'थलाइवर' रजनीकांत की नई फ़िल्म 'जेलर 2' देखी। गुकेश ने थिएटर से ली गई तस्वीरें अपने इंस्टाग्राम पर "थलाइवर गैंग" कैप्शन के साथ साझा कीं।

तस्वीरों में तीनों खिलाड़ी किसी आम चेन्नई के युवा प्रशंसक की तरह मुस्कुराते नज़र आ रहे हैं। यह याद दिलाता है कि विश्व खिताब के बोझ के बीच भी 20 वर्षीय गुकेश के लिए रजनीकांत की फ़िल्म उतनी ही खास है जितनी किसी भी तमिल प्रशंसक के लिए। सोशल मीडिया पर पोस्ट को हजारों लोगों ने पसंद किया। इन दिनों कई खिलाड़ी 'जेलर 2' के दीवाने दिख रहे हैं। क्रिकेटर संजू सैमसन ने तो बेंगलुरु में यह फ़िल्म देखने के लिए पूरा सिनेमा हॉल ही बुक कर लिया था।

अगले महीने जिनेवा में खिताब की रक्षा

यह फ़िल्मी शाम ऐसे समय आई है जब गुकेश का सबसे अहम मुकाबला बस एक महीने दूर है। स्विट्जरलैंड के जिनेवा में वे उज्बेकिस्तान के जावोखिर सिंदारोव के खिलाफ अपना विश्व खिताब बचाने उतरेंगे।

Photos: Gukesh's instagram
गुकेश के लिए यह साल आसान नहीं रहा। नॉर्वे चेस में वे अंतिम स्थान पर रहे और अक्टूबर की रेटिंग सूची में उनकी रेटिंग 2710 है। ऐसे में दोस्तों के साथ बिताए ये हल्के-फुल्के पल तैयारी के तनाव के बीच ताज़गी देने वाले साबित हो सकते हैं।

Photos: Gukesh's instagram

प्रज्ञानन्दा का सुनहरा साल और सिंदारोव पर जीत

दूसरी ओर प्रज्ञानन्दा के लिए 2026 करियर का सबसे शानदार साल साबित हुआ है। उन्होंने लगातार चार क्लासिकल जीत के साथ नॉर्वे चेस जीता, जिनमें मैग्नस कार्लसन और गुकेश पर मिली जीत भी शामिल थी। इसके बाद वे ग्रैंड चेस टूर 2026 के चैंपियन बने।

Photo : Sinquefield Cup/ Grand Chess Tour

सबसे अहम बात यह है कि अगस्त में सिंकफील्ड कप के दूसरे राउंड में प्रज्ञानन्दा ने इसी सिंदारोव को हराया था। यह 95 चालों और लगभग छह घंटे लंबी बाजी थी। कंप्यूटर जिस एंडगेम को बराबरी का बता रहा था, उसमें भी प्रज्ञानन्दा ने लगातार दबाव बनाए रखा। अंततः 82वीं चाल पर सिंदारोव से चूक हुई और प्रज्ञानन्दा ने जीत पक्की कर ली। इससे पहले 2025 के उज़चेस कप में भी प्रज्ञानन्दा सिंदारोव को क्लासिकल बाजी में मात दे चुके हैं।

क्या पर्दे के पीछे साथ हैं प्रज्ञानन्दा?

यह सवाल स्वाभाविक है कि क्या प्रज्ञानन्दा पर्दे के पीछे ही सही, गुकेश की तैयारी में कोई भूमिका निभा रहे हैं। दोनों चेन्नई के हैं, बचपन से एक-दूसरे को जानते हैं और हाल ही में समरकंद ओलंपियाड में भारत के लिए साथ खेले थे।

प्रज्ञानन्दा ने हाल के महीनों में सिंदारोव को क्लासिकल शतरंज में बहुत करीब से परखा है। लंबी बाजियों में सिंदारोव दबाव कैसे झेलते हैं और थकान के क्षणों में कहां चूकते हैं, इसकी जितनी ताज़ा समझ प्रज्ञानन्दा के पास है, उतनी शायद ही किसी और के पास हो। ऐसे में यह संभव है कि दोनों के बीच कुछ अभ्यास मुकाबले हुए हों या आगे हों। यह भी हो सकता है कि बातचीत के ज़रिए ही यह अनुभव गुकेश तक पहुंचे। हालांकि इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है, क्योंकि विश्व चैंपियनशिप की तैयारी हमेशा बेहद गोपनीय रखी जाती है।

अगर ऐसा होता है तो इसका फ़ायदा सिर्फ़ गुकेश को नहीं मिलेगा। विश्व चैंपियनशिप की तैयारी का हिस्सा बनना किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए अपने आप में बड़ी पाठशाला होती है। वहां ओपनिंग की गहराई, मैच की रणनीति और दबाव संभालने का जो अनुभव मिलता है, वह भविष्य में खुद उस मंच तक पहुंचने में बहुत काम आता है। प्रज्ञानन्दा भी अगले चक्र में खिताब के बड़े दावेदार हैं।

शतरंज का इतिहास ऐसे उदाहरणों से भरा है:

  • बोतविनिक: सोवियत दौर में मिखाइल बोतविनिक बड़े मुकाबलों से पहले अपने साथियों के साथ गोपनीय अभ्यास मैच खेलकर तैयारी करते थे।

  • क्रैमनिक: 1995 में व्लादिमीर क्रैमनिक ने विश्वनाथन आनंद के खिलाफ मुकाबले की तैयारी में गैरी कास्पारोव की मदद की थी। पांच साल बाद उन्हीं कास्पारोव को हराकर क्रैमनिक खुद विश्व चैंपियन बने।

  • कार्लसन: 2010 में युवा मैग्नस कार्लसन ने टोपालोव के खिलाफ मुकाबले से पहले आनंद की तैयारी में सहयोग किया था। तीन साल बाद 2013 में चेन्नई में आनंद को ही हराकर कार्लसन विश्व चैंपियन बने।

यानी आज का सहयोगी कल का दावेदार बने, यह शतरंज में नई बात नहीं है।

फिलहाल तो दोस्तों के साथ फ़िल्म देखना, हंसी-मज़ाक और एक-दूसरे का हौसला बढ़ाना ही सबसे बड़ी तस्वीर है। अब पूरे भारत की नज़रें 24 नवंबर पर टिकी हैं, जब जिनेवा में गुकेश अपने खिताब की रक्षा की शुरुआत करेंगे।