गेब्जे ,टर्की ( निकलेश जैन ) में चल रही विश्व जूनियर शतरंज चैंपियनशिप का समापन अंततः भारत के लिए एक शानदार परिणाम लेकर आया और भारत के युवा 18 वर्षीय अभिमन्यु पौराणिक नें कांटे के मुक़ाबले मे खेल की गहरी समझ और संयम का परिचय देते हुए अर्मेनिया के अराम हकोबयन को पराजित करते हुए विश्व जूनियर शतरंज चैंपियनशिप का रजत पदक हासिल कर लिया ।अभिमन्यु नें अपने अंतिम चार मुकाबलो मे 3 जीत और एक ड्रॉ के साथ कुल 3.5 अंक बनाए जो की महत्वपूर्ण मुकाबलों में उनकी परिणाम देने की क्षमता के कारण ही संभव हो पाया ।

वैसे कुल 11 मैच में उन्होने 2683 रेटिंग के स्तर का प्रदर्शन करते हुए 7 जीत 3 ड्रॉ और 1 हार के साथ कुल 8.5 अंक जुटाये और बेहतर टाईब्रेक के आधार पर दूसरे स्थान पर रहे ।

इस एक लम्हे नें विश्व शतरंज में भारत का दबदबा कायम रखा और भारतीय खेमे में खुशी की एक लहर प्रदान कर दी  

अराम हकोबयन vs अभिमन्यु पौराणिक 

किंग पान ओपनिंग में हुए इस मुक़ाबले में एक समय तक तो ऐसा लगा की खेल ड्रॉ पर समाप्त होगा और 26 वी चाल के बाद जब दोनों खिलाड़ियों के पास एक एक घोडा और छह प्यादे थे ऐसे में मैच का परिणाम निकालना मुश्किल नजर आ रहा था ,पर अभिमन्यु की नजर उनके वजीर के तरफ के हिस्से पर थी जहां उनके पास एक अतिरिकित प्यादा था ,और जब अराम नें केंद्र की तरफ से ज्यादा दबाव बनाने की कोशिश की तो पहले ही अपनी योजना के तहत अभिमन्यु नें अपना घोडा कुर्बान कर दिया । पर इन सब में अराम का घोडा और राजा काफी दूर आ गए और बस यही उनकी कुछ गलत चालों नें अभिमन्यु की योजना को सफल बना दिया और एक बोर्ड के किनारे के प्यादे रोकना अराम के असहाय घोड़ो के लिए लगभग असंभव होता गया । 

देखे कैसे जीता अभिमन्यु नें विश्व चैंपियनशिप का रजत पदक उन्होने चेसबेस इंडिया के सीईओ सागर शाह से बात की  

ईरान के परहम मघसूदलू हारकर भी बने विजेता - अंतिम राउंड के पहले ही अपराजेय 2 अंक की बढ़त हासिल कर चुके ईरान के परहम मघसूदलू 11 वे राउंड में रूस के आन्द्रे एसीपेंकों से पराजित हो गए पर फिर भी कुल 9 जीत एक ड्रॉ और 1 हार के साथ 9.5 अंक बनाते हुए विश्व जूनियर चैम्पियन बन गए । वह यह खिताब हासिल करने वाले ईरान के पहले खिलाड़ी है साथ ही अपनी रेटिंग के आधार पर भी 2823 का प्रदर्शन करते हुए 2700 के आकड़े के पास काफी करीब पहुँच गए है और ऐसे में वह पहले ही ईरान के सार्वकालिक सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का तमगा भी हासिल कर चुके है ।

इस समय रूस के बेहद प्रतिभाशाली माने जा रहे 16 वर्षीय खिलाड़ी आन्द्रे एसीपेंकों भले ही टाईब्रेक के चलते चौंथे स्थान पर रहे पर वह भविष्य में यह खिताब कभी भी हासिल कर सकते है और खैर हो सकता है वह विश्व जूनियर चैम्पियन बने या ना बने पर वह भविष्य के एक बड़े सितारे है इस बात में कोई दोराय नहीं है । अंतिम राउंड में भी परहम आक्रामक खेलने की कोशिश कर रहे थे क्वीन गेंबिट डिकलाइन में हुए इस मुक़ाबले में खेल की 38 चालों तक सब ठीक था पर फिर परहम की कुछ गलत चालों के बाद  आन्द्रे एसीपेंकों नें उनके राजा की कमजोरी को भांपते हुए दबाव बनाते हुए आक्रमण करना शुरू किया और 47 चालों में एक शानदार जीत दर्ज की । 

रूस के सेरगी लोबानोव तीसरे स्थान पर रहे उन्होने भी 8.5 अंक बनाये और उन्होने टाईब्रेक में हमवतन आन्द्रे एसीपेंकों को पराजित करते हुए यह स्थान हासिल किया । उन्होने अंतिम राउंड मे नॉर्वे के क्रिस्टयन जोहन सेबस्टियन को हार का स्वाद चखाया ।

देखे पुरुष्कार वितरण का नजारा  

हर्षा नें अंतिम राउंड में अमेरिका के प्रतिभाशाली लियांग आवोण्डर को पराजित करते हुए टॉप 10 में स्थान सुनिश्चित किया 

भारतीय खिलाड़ियों में शीर्ष 10 में एक और खिलाड़ी स्थान बनाने में कामयाब रहे ,राष्ट्रीय जूनियर चैम्पियन हर्षा भारतकोठी कुल 9 वे स्थान पर रहे । वैसे शीर्ष दस में ईरान के 3 खिलाड़ी , भारत और रूस के दो- दो खिलाड़ी ,और चीन , नॉर्वे और अर्मेनिया के एक -एक खिलाड़ी शामिल रहे । अन्य भारतीय खिलाड़ियों में सुनील नारायणन 12वे ,मुरली कार्तिकेयन 14वे , अरविंद चितांबरम 15वे ,और कार्तिक वेंकटरमन 15 वे स्थान पर रहे ।

शीर्ष 3 बालिका खिलाड़ी पहले स्थान पर रूस की अलेकसांद्रा मलत्सेवकाया ,दूसरे स्थान पर उजबेकस्तान की टोखिर्जोनोवा ,और तीसरे स्थान पर जॉर्जिया की नीनों खोमेरिकी रही । बालिका वर्ग में कोई भी खिलाड़ी शीर्ष 10 में जगह नहीं बना सकी वार्षिनी वी 13वे ,ईशा शर्मा 22 वे और साक्षी चित्लांगे 23वे स्थान पर रही

तो आखिरकार भारत के नाम एक पदक तो आ ही गया ! शुक्रिया अभिमन्यु !!

पुरुष्कार वितरण का शानदार नजारा , टर्की नें अपनी मेहमान नवाजी से सभी का दिल जीत लिया 

पारंपरिक टर्की नृत्य नें सभी का मन मोहा 

अपने बेटे की इस बड़ी सफलता का जश्न मनाने ईरान से परहम का पूरा परिवार कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचा !