प्रज्ञानन्दा की क्लासिकल शतरंज में अलीरेज़ा पर पहली जीत

यह जीत प्रज्ञानन्दा के लिए कई मायनों में ख़ास जरूर होगी। जहाँ एक ओर इसी जीत के साथ अब वे सिंकिफ़ील्ड कप जीतने की दौड़ में संयुक्त रूप से प्रथम स्थान पर पहुँच चुके हैं, वहीं यह उनकी अलीरेज़ा के ख़िलाफ़ क्लासिकल शतरंज में पहली जीत भी है। इससे पहले हुए 10 क्लासिकल मुक़ाबलों में 9 बाज़ियों का अंत तो ड्रॉ में हुआ था, जबकि एक बाज़ी अलीरेज़ा ने अपने नाम की थी। नीचे देखें प्रज्ञानन्दा की काले मोहरों से शानदार बाज़ी –
काले मोहरों से खेलते हुए प्रज्ञानन्दा ने अलीरेज़ा के 1.e4 के ख़िलाफ़ 1…c5 सिसिलियन डिफ़ेंस खेलने का निर्णय लिया। ओपनिंग में ही प्रज्ञानन्दा ने अपने दो घोड़े देकर अलीरेज़ा के दोनों ऊंट ले लिए थे। बोर्ड के बीच बनाया हुआ दबाव अलीरेज़ा ज़्यादा समय तक झेल नहीं पाए और 25वीं चाल पर उनसे भारी भूल हो गई। हालाँकि प्रज्ञानन्दा ने भी उस समय सही चाल नहीं खेली, पर दो चालों बाद ही उन्हें फिर मौक़ा मिला और इस बार वह मौक़े से ज़रा भी नहीं चूके और मात्र 31 चालों में यह बाज़ी अपने नाम कर ली।
रुई लोपेज़ के बर्लिन डिफ़ेंस में शुरू हुआ गुकेश और वेस्ली सो का मुक़ाबला भी बेहद रोमांचक रहा, जहाँ एक पल को देखने में तो गुकेश की स्थिति मज़बूत लग रही थी, पर वेस्ली सो ने शानदार शतरंज की प्रस्तुति दी और 29वीं चाल पर गुकेश का वज़ीर मार गिराया। इसके बाद की 10 चालें महज़ औपचारिकता थीं और 39वीं चाल पर गुकेश ने हाथ बढ़ाकर हार स्वीकार कर ली।

जान क्रिज़्स्तोफ़ डूडा और नोदिर्बेक अब्दुसत्तोरोव के बीच हुए मुक़ाबले में फ़ोर नाइट्स डिफ़ेंस ओपनिंग देखने को मिली और मिडिलगेम में अपने ऐक्टिव मोहरों के बदौलत डूडा एक अतिरिक्त प्यादा मारने में सफल रहे। अंत में यही एक प्यादा रूक एंडगेम में उनकी जीत का कारण बना।

कारुआना फ़ैबियानो की बाज़ी लेवोन अरोनियन से ड्रॉ रही

सैम सेवियन और मैक्सिम वाशिए लाग्राव ने ड्रॉ खेला।
सात मुक़ाबलों के बाद अंक तालिका:









