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भविष्य में क्या छुपा है कोई नहीं जानता , हम सिर्फ कयास लगाते है , अपना अपना अंदाजा लगाते है , कोई पुराने आंकड़ों के दम पर कुछ कहता है तो कोई भविष्य का सपना रचने का प्रयास करता है । दरअसल इतिहास बस खुद ही जानता है की क्या होने वाला है । खैर बात करते है विश्व शतरंज चैंपियनशिप 2018 की , मुक़ाबला चल रहा था  मोजूदा विश्व चैम्पियन मेगनस कार्लसन और फबियानों करूआना के बीच और उनके बीच खेले गए सभी क्लासिकल 12 मुक़ाबले ड्रॉ पर समाप्त हो गए है और विश्व शतरंज चैंपियनशिप के इतिहास में यह पहला मौका था जब सभी क्लासिकल मुक़ाबले ड्रॉ हो गए थे और अब सबकी नजरे टाईब्रेक पर जा लगी थी  साथ ही साथ दुनिया भर से लोग सवाल उठा रहे है की क्या क्लासिकल शतरंज का विश्व चैम्पियन रैपिड और ब्लिट्ज मुकाबलों से चुना जाना चाहिए । 

विश्व शतरंज चैम्पियन मेगनस कार्लसन 2013 से लगातार  ( pic - worldchess.com )

पहला रैपिड मुक़ाबला ! कार्लसन नें जीत का स्वाद चखा  ( 1-0)

कार्लसन नें सफ़ेद मोहरो से खेलते हुए इंग्लिश ओपनिंग में शुरुआत से करूआना के प्यादो की संरचना खराब कर दी और धीरे धीरे खेल में बढ़त बनाने की कोशिश करने लगे खेल की 19वीं चाल में करूआना नें एक बड़ी गलती कर दी और अपने घोड़े को गलत खाने में ले जाने का खामियाजा उन्हे भुगतना पड़ा जबाब में कार्लसन नें खेल में स्पष्ट बढ़त हासिल कर ली । पर खेल की 26वीं चाल में कार्लसन नें जब मोहरो की अदला बदली करते हुए हाथी के एंडगेम में जाने का निर्णय लिया तब उन्होने करूआना को वापसी का मौका दे दिया और ऐसा लगा की मैच ड्रॉ हो जाएगा

पर करूआना खेल की 37 वीं चाल में लगभग ड्रॉ हो चुके मैच में राजा से प्यादे को मारने का गलत निर्णय कर बैठे और कार्लसन नें मैच में जीत हासिल करते हुए 1-0 से बढ़त कायम कर ली । 

 

दूसरा रैपिड मुक़ाबला - कार्लसन की एकतरफा जीत बढ़त हुई 2-0 

दूसरे रैपिड मुक़ाबले में अब कार्लसन नें एक बार फिर पेलिकान ओपनिंग का सहारा लिया और इस बार उनके अच्छे खेल के साथ साथ करूआना के खराब खेल नें उनकी काफी मदद की और उन्होने एक आसान से जीत दर्ज की ।

अपने प्यादो को वजीर के हिस्से से आगे बढ़ाने के चक्कर में करूआना नें अपने राजा की सुरक्षा और मोहरो के बेहतर स्थिति में आने का इंतजार नहीं किया और इसी बात का फायदा उठाकर कार्लसन नें उन्हे बड़ी ही निर्दयता से पराजित करते हुए अपनी बढ़त को 2-0 से करते हुए लगभग खिताब अपने नाम लिख दिया । 

 

तीसरा रैपिड मुक़ाबला - कार्लसन जीते और पुनः बने विश्व विजेता !

पहले दो राउंड में 2-0 से पीछे चल रहे करूआना के लिए प्रतियोगिता में बने रहने के लिए तीसरे मैच में जीतना हर हाल में जरूरी था और उन्होने कार्लसन के e4 के जबाब में इस बार पेट्राफ के बजाय सिसिलियन का सहारा लिया पर कार्लसन जिन्हे सिर्फ ड्रॉ की जरूरत थी टाईब्रेकर जीतने के लिए उन्होने मरोक्जी सिस्टम अपनाते हुए खुद को बेहद मजबूत रखा और धीरे धीरे बढ़त बनाने लगे ।

खेल की 26 वीं  चाल में जब मैच में कार्लसन बढ़त बना सकते थे उन्होने करूआना के राजा की ओर आक्रमण ना करते हुए खेल में केंद्र से प्यादो की अदला बदली करते हुए खेल को ड्रॉ की ओर मोड़ दिया ऐसे में करूआना जिन्हे किसी भी हाल में जीत चाहिए थी कुछ करने के प्रयास में मैच गवां बैठे और कार्लसन बन गए लगातार चौंथी बार विश्व शतरंज विजेता । 

कार्लसन की जीत का क्षण 

चेसबेस हिन्दी यू ट्यूब चैनल पर हुआ टाईब्रेकर का सीधा प्रसारण 

चेसबेस के हिन्दी यू ट्यूब चैनल को दर्शकों का बेहद प्यार मिल रहा है और आप सभी भी इस चैनल से जुड़कर हिन्दी में खेल विश्लेषण का आनंद ले सकते है

हमारे इस कार्यक्रम के दौरान नरचर डॉट काम , चेसबेस 15 और चेसबेस अकाउंट का भी सहयोग मिला 

प्रतियोगिता के दौरान जारी किए गए सभी विडियो देखे यहाँ !

 

देखे सभी 15 मैच चेसबेस के सौजन्य से !