महिला कैंडिडेट्स से बस एक कदम की दूरी

महिला विश्व कप से हमें महिला कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के लिए तीन खिलाड़ी मिलने वाले हैं, और जो भी खिलाड़ी इस प्रतियोगिता के शीर्ष तीन में अंत करेंगे, वे सीधे कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में भाग लेंगे। देखा जाए तो एक भारतीय खिलाड़ी का कैंडिडेट्स खेलना अब सुनिश्चित हो चुका है, पर दोनों ही भारतीय खिलाड़ियों की पूरी उम्मीद यही रहेगी कि वे अपनी सेमीफाइनल बाज़ियाँ जीतें और आपस में फाइनल मुक़ाबला खेलें। दिव्या ने पूरी प्रतियोगिता में अपने शानदार फॉर्म का उदाहरण तो दिया ही है, और उन्होंने दूसरी वरीयता प्राप्त झू जिनर पर भी जीत हासिल की है, पर उनके लिए आने वाली चुनौती के रूप में चीन की तान झोंगयी खड़ी हैं। यह मुक़ाबला दिव्या के आज तक के सबसे महत्वपूर्ण मुक़ाबलों में से एक होने वाला है। तो वहीं दूसरी ओर कोनेरु हम्पी ने अपने अनुभव का पूरा फ़ायदा उठाकर सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है, और उनका मुक़ाबला प्रतियोगिता की शीर्ष वरीयता प्राप्त चीन की लेई टिंगजी से है। कल होने वाले दोनों ही मुक़ाबलों पर भारतीय दर्शकों की पूरी नज़र रहेगी।

सफ़ेद मोहरो से खेलते हुए दिव्या ने टाई-ब्रेक के पहले मुकाबले में शानदार जीत हासिल की।

दूसरे मुकाबले में दिव्या ने काले मोहरो से जीत हासिल कर सेमीफइनल में अपनी जगह बना ली।

बराबर चल रही इस बाजी में दिव्या ने अपना राजा e7 पर चल दिया, हरिका के पास यही मौका था की वह अपना ऊँट f4 पर रख काले ऊँट से अपना ऊँट लड़ ले और दिव्या के घोड़े के खिलाफ अपना ऊँट रख जीतने का प्रयास करे पर समय के अभाव में हरिका ने यह चाल नहीं चली और अंत में भारी भूल कर बाजी से हाथ धो बैठी।

कोनेरू हम्पी ने सफ़ेद मोहरो से पहला मुकाबला जीत कर दूसरी बाजी ड्रा खेली।

नीचे देखे हम्पी की सफ़ेद मोहरो से जीती हुई शानदार बाजी।

प्रतियोगिता अब अपने अंतिम चरण में प्रवेश कर चुकी हे और कुछ ही दिनों में हमे विश्व कप का विजेता भी मिलने वाला है।