रैपिड शतरंज से मिलेंगे बचे हुए 4 खिलाड़ी

चौथे राउंड के दूसरे मुकाबले में दिव्या को छोड़कर बाकी तीनों भारतीय खिलाड़ियों ने मज़बूत ड्रॉ खेला और टाई ब्रेक में जाने का फ़ैसला किया। महिला विश्व कप एक नॉकआउट फॉर्मेट की प्रतियोगिता है जिसमें सभी खिलाड़ियों को आपस में पहले दो क्लासिकल बाजियाँ खेलनी होती हैं, अगर इन क्लासिकल बाजियों में जीत-हार का नतीजा नहीं निकलता है और दोनों ही बाजियाँ 1-1 से बराबरी पर रहती हैं, तब खिलाड़ी टाई ब्रेक की ओर बढ़ते हैं। फिर उन्हें 15+10 समय नियंत्रण के साथ दो टाई ब्रेक बाजियाँ खेलनी होती हैं और यदि ये बाजियाँ भी ड्रॉ रहती हैं तो 10+10 समय नियंत्रण के दो टाई ब्रेक खेले जाते हैं। अगर यह भी ड्रॉ रहता है तो 5+3 मिनट के दो टाई ब्रेक और यदि उसमें भी नतीजा नहीं निकलता है तो 3+2 मिनट के खेल तब तक खेले जाते हैं जब तक कोई एक खिलाड़ी जीत नहीं जाता। विश्व कप प्रतियोगिता का महत्व और भी बढ़ जाता है क्योंकि यहीं से हमें महिला कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के लिए तीन खिलाड़ी मिलेंगे।

जिनेर झू ने की सफ़ेद मोहरों से वापसी

आर वैशाली और मेरुएर्त कमालिदेनोवा की दूसरी बाज़ी भी रही ड्रा।

अलेक्ज़ेंड्रा कोस्टेनियुक और कोनेरु हम्पी ने फ़िर से खेला ड्रा।

काटेरिना लाग्नो और हरिका द्रोणावल्ली की बाजी भी रही ड्रा।








