कहते है की राजनीति शतरंज के खेल की तरह है तो फिर यूं मान लीजिये भारतीय राजनीति नें अपना बेहद प्रिय वजीर आज खो दिया है । 

भारतीय शतरंज के सबसे बड़े हीरे विश्वनाथन आनंद नें भी उन्हे श्रद्धांजली अपने शब्दो में दी 1924 में जन्में अटल बिहारी वाजपेयी नें विश्व स्तर पर हिन्दी भाषा को एक नया सम्मान और पहचान दिलाई । सयुंक्त राष्ट्र संघ के मुख्यालय में उन्होने 1977 में जो भाषण हिन्दी में दिया उसे आज भी बेहद सम्मान से याद किया जाता है 

सुने उनका यह भाषण और उनकी विशुद्ध हिन्दी ज्ञान !  ( source - ABP News)

"भारत नें आज अपना एक महान नेता खो दिया "एक विमम्र और बड़े व्यक्तित्व " यह उन्हे याद करने के लिए बेहतर तरीका है मेरी श्रद्धांजली ! - विश्वानाथन आनंद 

 

अभिजीत कुंटे नें लिखा " एक युग का अंत " अटल युग " "श्रद्धांजली "

 

 

भारतीय ग्रांड मास्टर सेथुरमन नें भी उन्हे श्रद्धांजली अर्पित करते हुए कई लोगो के संदेशो को अपने ट्विटर अकाउंट से साझा किया

 

 

शानदार प्रेरक कविताओं के लिए भी वह जाने जाते है !!

मौत से ठन गयी !!

गीत नया गाता हूँ 

हार नहीं मानूँगा 

कदम मिलाकर चलना होगा 

भारत के पूर्व प्रधान मंत्री सर्वप्रिय अटल बिहारी वाजपेयी जी के निधन पर चेसबेस इंडिया भी भारत के इस महान सपूत को अपनी श्रद्धांजली अर्पित करता है ।