
ओस्लो ,नॉर्वे में फीडे विश्व फिशर रैंडम शतरंज चैंपियनशिप के फ़ाइनल मुक़ाबले के दूसरे दिन वह हुआ जिसकी किसी नें उम्मीद नहीं की थी मौजूदा विश्व क्लासिकल चैम्पियन मेगनस कार्लसन को अमेरिका के वेसली सो नें लगातार तीसरे मैच में पराजित करते हुए बड़ी बढ़त हासिल कर ली है और पहले चार धीमें रैपिड ( मिनट प्रति खिलाड़ी ) में उन्होने तीन जीत और एक ड्रॉ के साथ मजबूत बढ़त हासिल कर ली है ।
(all pics - https://www.frchess.com/ Lennart Ootes/Chess.com.)

पहले चार मुकाबलों में जीत के लिए 3 अंक और ड्रॉ पर आधा अंक दिये जा रहे है और इस अनुसार उन्होने 10.5 -1.5 की बहुत बड़ी बढ़त हासिल कर ली है । अब अंतिम दिन 4 तेज रैपिड ( 15 मिनट +2 सेकंड प्रति खिलाड़ी ) और 2 ब्लिट्ज़ ( 3 मिनट +2 सेकंड) के मुकाबले होने है जहां इस फिशर रैंडम शतरंज का पहला विश्व खिताब अमेरिका के वेसली को जीतने की संभावना बहुत ज्यादा है क्यूंकी उन्हे सिर्फ अब 2 अंक बनाने है जबकि कार्लसन के लिए हर मैच जीतने की असंभव स्थिति है देखना होगा की विजेता कौन होगा ।

फ़ाइनल के दूसरे दिन मोहरो की स्थिति कुछ इस प्रकार रही
देखे दोनों मुकाबलों में कैसा रहा वेसली का खेल देखे हिन्दी चेसबेस इंडिया के माध्यम से 
इस बढ़त के बाद वेसली के पास तो मीडिया का जुड़ना बनता ही था

क्या कार्लसन असंभव सी लगने वाली वापसी करेंगे ?

तीसरे स्थान की दौड़ मे रूस के इयान नेपोंनियची भी बढ़त लेते नजर आ रहे है
क्या है फिशर रैंडम – अमेरिका के पूर्व विश्व चैम्पियन बॉबी फिशर नें शतरंज में मोहरो की स्वाभाविक शुरुआती स्थिति बदलकर इसे फिशर रॅंडम नाम दिया था ताकि कोई भी पहले से मुक़ाबले की तैयारी ना कर सके और हर मैच में नई चुनौतियाँ हो । पहली बार विश्व शतरंज संघ नें इसे एलग फॉर्मेट के तौर पर स्वीकार करते हुए मान्यता दी है और अब यही देखना है की इसका पहला विश्व चैम्पियन कौन होगा ।








