

टेगेर्न्सी इंटरनेशनल शतरंज - भारत के लियॉन नें खेला एक और ड्रॉ
कोविड 19 की वजह से मार्च से हंगरी में रह गए भारत के 14 वर्षीय इंटरनेशनल मास्टर लियॉन मेन्दोंसा को अब यूरोप में ऑन द बोर्ड टूर्नामेंट में बड़े अवसर मिल रहे है । जर्मनी में चल रहे राउंड रॉबिन ग्रांड मास्टर टूर्नामेंट में अंतिम वरीय के तौर पर शामिल किए गए लियॉन नें अब तक हुए चार राउंड में चार में से तीन ग्रांड मास्टर को जीतने नहीं दिया है और उनसे आधा अंक बनाने में कामयाबी हासिल की है जबकि उन्हे एक मैच में हार का सामना करना पड़ा है ।

चौंथे राउंड में उन्होने बेल्जियम के डेनियल दारधा से अपना मुक़ाबला ड्रॉ खेला

इससे पहले राउंड 1 में जर्मनी के निसिपेएनु को ड्रॉ प रोकते हुए शानदार शुरुआत की थी

और राउंड 3 में इटली के बासो पीर से उन्होने अंक बांटा था

जबकि दूसरे राउंड में जर्मनी के नंबर 1 खिलाड़ी ब्लूबम मथियस से उन्हे हार का सामना करना पड़ा था ।

अभी टूर्नामेंट में उन्हे पाँच राउंड और खेलने है और अगर उन्हे ग्रांड मास्टर नार्म हासिल करना है तो उन्हे बचे हुए मुकाबलों में 3.5 अंक बनाने होंगे ।

लेकिन समस्या ये है की उनके आने वाले एक विरोधी विन्सेंट केमर कोविड के एक प्रोटोकाल के चलते टूर्नामेंट से हट चुके है ऐसे मे नार्म के नियम जानने के लिए हमने इंटरनेशनल निर्णायक गोपाकुमार से संपर्क साधा और हमें पता चला नियम

तो अब चूकी विन्सेंट टूर्नामेंट से बाहर हो चुके है उनका अंक तो नहीं गिना जाएगा पर लियॉन को 9 में से 5 अंक बनाने का लक्ष्य 9 की जगह 8 राउंड में पूरा करना होगा जोकि बहुत मुसकिल नजर आता है । खैर इस टूर्नामेंट में न सही लियॉन भारत के अगले ग्रांड मास्टर बनेंगे इसकी संभावना बहुत ज्यादा नजर आती है ! तो उनको शुभकामनाए








