
( सभी तस्वीरे अंकित दलाल के सौंजन्य से )



पर आपको बता दे की इस मैच में कुछ ऐसा हुआ जिसके बाद हर किसी नें सौम्या स्वामीनाथन की खुले दिल से तारीफ की दरअसल हुआ कुछ यूं की दोनों ही खिलाड़ी 40 चाल पूरी करने के लिए समय के दबाव में थे और ऐसे में अपनी चाल चलते वक्त नंधिधा नें जब घड़ी दबाई तो उनके पास 2 सेकंड थे पर घड़ी दबाने पर भी उनके समय में 30 सेकंड नहीं जुड़े और समय समाप्त हो गया ऐसे मे जब अर्बिटर और अन्य कुछ दर्शक मैच को देख रहे थे और सभी इस बात पर एक मत थे की नंधिधा के पास 2 सेकंड थे जब उन्होने अंतिम चाल चली पर चुकी समय समाप्त हो चुका था सौम्या मैच में जीत ले सकती थी पर उन्होने खेल को जारी रखने का फैसला किया , भले ही मैच तो हार गयी पर अपनी खेल भावना से उन्होने सभी का दिल जीत लिया ।

रेटी ओपनिंग मे हुए इस मुक़ाबले में 19 वी चाल के बाद से पदमिनी की स्थिति कई बार उनके राजा और प्यादो की कमजोर स्थिति से कमजोर पड़ने लगी थी पर पदमिनी नें अपने अनुभव ल लाभ उठाते हुए लगातार हमला करना जारी रखा और कई बार बीच में खेल दोनों तरफ झुकता रहा तभी खेल की 33वी चाल में समृद्धा की घोड़े की एक गलत चाल पर पदमिनी अपने ऊंट को कुर्बान कर सीधा मैच जीत सकती थी पर वह यहाँ भूल कर बैठी और समृद्धा को बढ़त हासिल हो गयी और खेल की 43 वी चाल में जब वह जीत दर्ज करने की स्थिति में नजर आ रही थी समृद्धा नें आश्चर्यजनक तरीके से खेल को ड्रॉ की और मोड दिया और उतार चढ़ाव से भरा यह मैच बराबरी पर समाप्त हुए

अन्य मुकाबलों में मेरी गोम्स नें साक्षी चित्लांगे को पराजित किया जबकि भक्ति कुलकर्णी नें किरण मनीषा मोहंती से ,तो बाला कनप्पा नें श्रष्ठि पांडे से ड्रॉ खेला । पाँच राउंड के बाद अब पदमिनी ,नंधिधा और मीनाक्षी 4 अंक के साथ सयुंक्त बढ़त पर है , भक्ति ,मेरी और सौम्या 3 अंक के साथ सयुंक्त दूसरे स्थान पर है । अन्य खिलाड़ियों में साक्षी 2.5 ,किरण 2 ,बाला और स्वाति 1.5 ,समृद्धा 1 और श्रष्ठि आधा अंक बनाकर खेल रही है ।












