17वां दिल्ली इंटरनेशनल:बना इतिहास,रोमांचक यात्रा शुरू
Niklesh Jain·3 मिनट का पठन
17 सालों पहले बुना गया एक सपना आज एक ऐसे पायदान पर जा पहुंचा जो भारतीय शतरंज के लिए एक इतिहास बन गया । अखिल भारतीय शतरंज संघ के सचिव भारत सिंह चौहान नें अपने दो बेहतरीन साथियों एके वर्मा और गोपाकुमार के साथ हर वर्ष इस अकल्पनीय सपने की बुनियाद रखी और साथ ही दिल्ली शतरंज संघ के अनगिनत कार्यकर्ताओं के योगदान को भी आप कम करके नहीं आंक सकते । भारतीय शतरंज जगत में 1 करोड़ की पुरूष्कार राशि छूने वाला दिल्ली इंटरनेशनल इतिहास का पहला टूर्नामेंट बन गया । क्रिकेट को सर्वोपरि मानने वाले भारत में शतरंज नें एक नया मुकाम हासिल किया । साथ ही साथ तीनों वर्गो में मिलाकर 3000 खिलाड़ियों की उपस्थिती की संभावना नें ही इसे एशिया ही नहीं दुनिया के सबसे बड़े ओपन मैच का तमगा दे दिया है । खैर पहले दिन हुए मुक़ाबले में अधिकतर शीर्ष खिलाड़ियों नें आसान जीत दर्ज की । पर हालांकि हर्षा भारतकोठी जरूर उलटफेर का शिकार हुए । चेसबेस इंडिया की दिल्ली ओपन की पहले राउंड की विस्तृत रिपोर्ट ।
दिल्ली में इन्दिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आज करीब 1500 खिलाड़ियों की मोजूदगी में 17वे दिल्ली इंटरनेशनल ग्रांडमास्टर शतरंज टूर्नामेंट की शानदार शुरुआत हुई ।
अखिल भारतीय शतरंज संघ के सचिव भारत सिंह चौहान नें एशिया के इस सबसे बड़े मैच में सभी का स्वागत किया ।
सुने कैसे इस इतिहास के गवाह रहे है भारत सिंह चौहान
उनके अलावा एफ़डीडीआई के प्रमुख एके सिन्हा , दिल्ली शतरंज संघ के सचिव एके वर्मा नें भी सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाए दी
द्वीप प्रज्वलन करते हुए दिल्ली शतरज संघ के ये तीन शानदार रत्नो नें भारतीय शतरंज को भी एक एक बड़ा योगदान दिया है
मुख्य अतिथि एके सिन्हा नें पारंपरिक शतरंज के अंदाज में पहली चाल चलकर राउंड एक का उदघाटन किया
पहले दिन की बात करे तो मुख्यतः अधिकतर शीर्ष खिलाड़ी जीत दर्ज करने में सफल रहे । पहले बोर्ड पर टॉप सीड तजाकिस्तान के फारुख अमानतोव नें भारत के राजश्री दत्ता को पराजित किया और एक जीत के साथ अपने अभियान की शुरुआत की ।
दूसरे बोर्ड पर भारत के आर रामकृष्णा को रूस के अलेक्ज़ेंडर प्रेडके नें तो
... तीसरे बोर्ड पर जॉर्जिया के लेवान पंतुसूलिया नें भारत के लक्ष्मी कृष्णा को हार का स्वाद चखाया ।
भारतीय खिलाड़ियों में शीर्ष खिलाड़ी वैभव सूरी नें हमवतन ईशा शर्मा को आसानी से पराजित किया
तो अभिजीत गुप्ता नें साईं निरूपमा को पराजित किया ।हालांकि इस मैच में अभिजीत नें शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और कुछ खतरे भी मोल लिए पर उनकी विरोधी के लिए फायदा लेना संभव नहीं हुआ और अभिजीत नें एक आसान सी जीत दर्ज की ।
हर्षा को लगा झटका
राउंड एक के सबसे बड़े उलटफेर का शिकार बने भारत के प्रतिभाशाली खिलाड़ी हर्षा भारतकोठी जिन्हे नन्हें इलाम्पार्थी नें हराकर चौंका दिया
तो क्या ये एक और आसधारण प्रतिभा के उभरने के संकेत है ?
प्रतियोगिता में अभी वर्ग ए और बी के मुक़ाबले शुरू हुए है जबकि वर्ग सी के मुक़ाबले 13 जनवरी से खेले जाएंगे ।